-हर हर महादेव के जयघोष के बीच दिन-रात 24 घंटे सेवा में जुटा रोटरी क्लब, लाखों शिवभक्तों को उम्मीद की छांव
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान जब लाखों शिवभक्त हरिद्वार और गंगोत्री से गंगाजल लेकर अपने आराध्य भगवान शिव के दरबार की ओर बढ़ते हैं, तब उनके मार्ग की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है सेवा, सहारा और श्रद्धा के साथ सुरक्षा। इस महान संकल्प को साकार कर रहा है रोटरी क्लब ऑफ गाजियाबाद स्मार्ट सिटी, जिसने इस वर्ष भी 15 जुलाई से 23 जुलाई तक मनन धाम मंदिर के सामने एवं आशीर्वाद पाइप डिपो प्रा. लि. के निकट, मेरठ रोड पर नि:शुल्क कांवड़ व चिकित्सा सेवा शिविर का आयोजन किया है। इस शिविर का संचालन राष्ट्रीय समाज एवं धार्मार्थ सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें दिन-रात 24 घंटे सेवा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। शिविर में श्रद्धालुओं को नि:शुल्क प्राथमिक चिकित्सा, दवाइयां, डॉक्टरी परामर्श एवं भोजन-भंडारा की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
यह सेवा संकल्प सिर्फ एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सच्चे अर्थों में धार्मिक कर्तव्य और सेवा धर्म का स्वरूप है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष इस सेवा शिविर में एक लाख से अधिक कांवडिय़ों की सेवा की गई थी, और इस बार भी आयोजकों को इतने ही शिवभक्तों के आगमन की पूर्ण आशा है। भीषण गर्मी, थकावट और स्वास्थ्य संकट के बीच यह शिविर हजारों कांवड़ यात्रियों के लिए शांति, सहायता और स्नेह की शरणस्थली बना हुआ है। रोटरी क्लब की अध्यक्ष भारती गर्ग, सचिव प्रवीण गोयल, और क्लब के अन्य प्रमुख सदस्य डॉ. राकेश छारिया, आशीष गर्ग, सारंग अग्रवाल, विकास गुप्ता, रीना अग्रवाल, मीनू गुप्ता, ममता अग्रवाल, सुजाता गर्ग और अनु अग्रवाल आदि ने स्वयं शिविर में उपस्थित रहकर सेवा भावना को जीवंत किया।
साथ ही, राष्ट्रीय समाज एवं धार्मार्थ सेवा संस्थान के संस्थापक आचार्य डॉ. राहुल चतुर्वेदी ने भी शिविर स्थल पर पहुंचकर शिवभक्तों की सेवा में अपनी भूमिका निभाई और सभी स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। यह सेवा शिविर गाजियाबाद के उन हजारों लोगों के लिए भी एक प्रेरणा है, जो श्रद्धा के साथ सेवा को जोड़ते हुए समाज के लिए जीने की भावना रखते हैं। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह सहिष्णुता, समर्पण और सेवा की साझी संस्कृति का प्रतीक है। रोटरी क्लब और संस्थान द्वारा उठाया गया यह प्रयास उसी संस्कृति का उज्ज्वल चेहरा है।


















