– सफाई और सैनिटाइजेशन के साथ-साथ ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था को सुधारा, अस्पतालों की व्यवस्थाओं को किया बेहतर
– नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में प्रमोद कुमार, आरएन पांडे, शिवपूजन यादव, डॉ. अनुज कुमार सिंह, डॉ. संजीव सिन्हा, मोइनुद्दीन, डॉ मिथलेश, देशराज सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने संभाली कमान
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। कोरोना संकट अभी भी बरकरार है। लेकिन दो सप्ताह पहले जो शहर में हालात थे उसमें अब काफी हद तक सुधार हुआ है। बेपटरी हुई व्यवस्थाएं अब काबू में आ रही है और उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। पहले जहां अस्पताल के बाहर ऑक्सीजन के अभाव में मरीज दम तोड़ रहे थे, वहीं अब होम आईसोलेशन में भी लोगों को ऑक्सीजन उपलब्ध हो रही है। अस्पतालों की मनमानी पर भी काफी हद तक अंकुश लगा है और अब अस्पताल प्रबंधन खाली पड़े बेड की जानकारी भी देने लगे हैं। इन बेहाल व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने में गाजियाबाद नगर निगम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में नगर निगम की सेना मैदान में डटी हुई है।
निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की इस कार्यशैली की तारीफ भी हो रही है। कोराना संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बनाई गई टीम-9 ने भी ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर गाजियाबाद नगर निगम मॉडल को सराहा और इस मॉडल को प्रदेश के अन्य जिलों में लागू करने का निर्देश दिया। गाजियाबाद नगर निगम की तारीफ इसलिए भी अधिक हो रही है कि जब सभी लोग कोरोना संकट से भयभीत थे और प्रशासनिक व्यवस्थाएं फेल हो गई थी अधिकारियों पर लोगों के फोन तक नहीं उठाने के गंभीर आरोप लग रहे थे उस समय भी नगर निगम के अधिकारी शहर की गलियों से लेकर कोविड अस्पताल के आईसीयू वार्ड और शमशान घाट में दिखाई दे रहे थे।
संक्रमण काल में नगर निगम की भूमिका अहम हो गई है। साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन के साथ-साथ ऑक्सीजन आपूर्ति और अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर गाजियाबाद नगर निगम द्वारा किये गये कामों की सराहना की जा रही है। नगर निगम को इन कामों की कीमत भी चुकानी पड़ी है और उसके कई अधिकारी और कर्मचारी कोराना संक्रमित हो गये। इसके बावजूद निगम अधिकारी एवं कर्मचारी कोरोना की दूसरी लहर की रोकने के लिए मैदान में डटे हुए हैं। कोरोना वायरस के खिलाफ नगर निगम ने मोर्चा खोले रखा और लगातार शहर में सफाई कार्यों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।
ऑक्सीजनआपूर्ति तथा होम आइसोलेशन में ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की नगर निगम के इंतजाम की आरडब्लूए एवं क्षेत्र के लोगों द्वारा प्रशंसा की जा रही है। कोरोना युद्ध में निगम कर्मचारी सुबह में सफाई अभियान, शाम को सेनेटाइजेशन एवं फॉगिंग और उसके बाद होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों तक ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाने की व्यवस्था में लग जाते हैं। मजबूत वारियर की तरह से निगम अधिकारी और कर्मचारी खुद की परवाह किये बगैर मैदान में डटे हुए हैं। नगर आयुक्त महेंन्द्र सिंह तंवर योजनाबद्ध तरीके से डे-टू-डे कार्यों की योजना बनाते हैं और फिर उसको अमलीजामा पहनाकर उसकी समीक्षा भी करते हैं। अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, आरएन पांडे, शिवपूजन यादव, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा, चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन, नगर स्वास्थ अधिकारी डॉ मिथलेश, एग्जयूकेटिव इंजीनियर देशराज सिंह नगरायुक्त के निर्देशानुसार समयबद्ध तरीके से कार्यों को पूरा कर रहे हैं।
ऑक्सीजन की किल्लत हुई दूर
जब शहर में ऑक्सीजन की समस्या बिकराल हो गई और चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ था उस समय नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को ऑक्सीजन का नोडल प्रभारी बनाया गया। ऑक्सीजन की मांग अधिक और आपूर्ति कम। ऐसे में नगरायुक्त ने अस्पतालों से लेकर होम आईसोलेशन में रह रहे लोगों की जरूरत को देखते हुए रीयल टाइम प्लान तैयार किया। इसके तहत रीयल टाइम में ऑक्सीजन की वास्तविक खपत का रिकार्ड तैयार कर बैकअप प्लान के साथ अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की गई। ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी ना हो और होम आईसोलेशन में रह रहे लोगों को ऑक्सीजन मिले इसके लिए नगर निगम के पांचों जोनल कार्यालयों में ऑक्सीजन सेंटर बनाये गये और 24 घंटे के भीतर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की गई। किसी प्रकार की भीड़ भाड़ ना हो और काम व्यवस्थित तरीके से हो इसके लिए एक बड़ी टीम बनाई गई और उद्यान प्रभारी डॉ अनुज कुमार सिंह को ऑक्सीजन गैस प्रभारी की जिम्मेदारी जिम्मेदारी सौंपी गई। इसी का परिणाम है कि आज जिले में ऑक्सीजन गैस की किल्लत समाप्त हो गई है।
कोविड आईसीयू वार्ड में जाकर किया निरीक्षण
कोरोना संक्रमण को देखते हुए जहां अधिकारियों पर फिल्ड में नहीं निकलने के आरोप लग रहे थे वहीं नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर कोविड अस्पतालों के आईसीयू वार्ड में जाकर बेड और व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। कई सूचनाएं मिली कि अस्पताल में बेड खाली हैं और वह मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं। सूचना की सत्यता परखने के लिए नगरायुक्त ने कोविड वार्ड से लेकर आईसीयू वार्ड तक का निरीक्षण किया। जिन अस्पतालों में गड़बड़ी मिली उनके खिलाफ कार्रवाई की। नगर स्वास्थ अधिकारी डॉ. मिथलेश को अस्पतालों पर नजर रखने का निर्देश दिया। इसका परिणाम दिखा और अस्पतालों में मरीजों को भर्ती नहीं किये जाने की शिकायतों पर भी अंकुश लगा।
एनजीओ के साथ मिलकर तैयार किया होम आइसोलेशन
शहर को होम आइसोलेशन उपलब्ध कराने के लिए एनजीओ के साथ सहयोग कर मानसरोवर भवन में 150 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां पर मेडिकल किट की व्यवस्था के साथ खानपान की व्यवस्था एवं अन्य सुविधााएं उपलब्ध कराई गई है। नगर आयुक्त ने चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन को नोडल प्रभारी के रूप में आईसोलेशन सेंटर की जिम्मेदारी सौंपी है। होम आइसोलेशन केंद्र में 40 से अधिक लोग 2 दिन में एडमिट हुए हैं। शहर को कोरोना मुक्त बनाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारियों को जो जिम्मेदारी दी गई है, उस कार्य को निगम के अधिकारी बखूबी अंजाम दे रहें है।
















