देशव्यापी चक्का जाम कल, अलर्ट पर सरकारें

दिल्ली-यूपी व उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने शनिवार को देशव्यापी चक्का जाम का ऐलान किया है। चक्का जाम से दिल्ली-यूपी और उत्तराखंड को अलग रखा गया है। इन 3 राज्यों में चक्का जाम नहीं किया जाएगा। किसान संगठनों का कहना है कि यह विरोध-प्रदर्शन पूर्णत: व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से होगा। किसी को भी उपद्रव करने की छूट नहीं दी जाएगी। उधर, देशव्यापी चक्का जाम को देखकर केंद्र एवं राज्य सरकारों ने शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत का कहना है कि शनिवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं होगा। किसान सिर्फ डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक देशभर में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को दोपहर 12 से 3 बजे तक जाम किया जाएगा। इस दौरान इमरजेंसी और आवश्यक सेवाओं जैसे एंबुलेंस, स्कूल बस आदि को नहीं रोका जाएगा। किसान मोर्चा ने कहा है कि चक्का जाम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक रहेगा। उधर, नए कृषि कानूनों पर शुक्रवार को राज्य सभा में चर्चा हुई। चर्चा के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एकाएक उखड़ गए। बार-बार टोका-टोकी किए जाने से खफा कृषि मंत्री ने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की क्लास लगा दी। कृषि मंत्री सिंह ने सांसद हुड्डा को कानून पढ़कर आने की नसीहत दे डाली। ऐसे में कुछ समय तक राज्य सभा का माहौल गरमाया रहा। राज्य सभा में चर्चा के दरम्यान कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा बार-बार आपत्ति जता रहे थे। इससे कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का मूड अचानक उखड़ गया। उन्होंने कांग्रेस सांसद हुड्डा को फटकार तक लगा दी। कृषि मंत्री तोमर ने गुस्से में कहा कि कान खोलकर सुनो और अगली बार जब कृषि पर बहस हो तो पढ़कर आना। दरअसल कृषि मंत्री तोमर ने केंद्र सरकार के कांट्रैक्ट फार्मिंग कानूनों पर चर्चा की।