-गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम से बचने के लिए दिल्ली में किया सरेंडर
-अग्रिम जमानत कराने के लिए दुबई से आया था भारत, दुबई भागने से पहले पकड़ा गया जावेद मीरापुरिया
गाजियाबाद। पूरे भारतवर्ष में हजारों मोबाइल टॉवर्स को निशाना बनाकर वहां से अरबों रुपये के आरआर यूनिट जैसे महंगे उपकरण चुराने वाले राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय गैंग के सरगना एक लाख के इनामी जावेद मीरापुरिया निवासी मीरापुर मुजफ्फरनगर हाल भागिरीथी विहार मुस्तफाबाद दिल्ली को आखिरकार पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद क्राइम ब्रांच, स्वाट टीम, सिटी जोन और थाना नंदग्राम पुलिस की संयुक्त टीम ने लाखों रुपये के महंगे उपकरण बरामद किए है। जावेद मीरापुरिया को पकडऩे के लिए पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम पिछले काफी समय से प्रयास कर रही थी। लेकिन बुधवार को जैसे ही जावेद मीरापुरिया को इसकी भनक लगी कि पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम उसके पीछे पड़ी हुई है तो डर के चलते उसने दिल्ली में सरेंडर कर दिया, जहां पर दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ लिया। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम आरआर यूनिट चुराने वाले राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय गैंग के सभी सदस्यों को सलाखों के पीछे भेजकर करोड़ों रुपये का माल बरामद कर चुकी है।
जावेद मीरापुरिया के दिल में गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम का खौफ इस कदर हावी हो गया कि वह पहले तो देश छोड़कर ही फरार हो गया। मगर जैसे ही वह वापस इंडिया पहुंचा तो उसको पकड़ने के लिए गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने फिर से फिल्डिंग शुरु कर दी। पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा की स्वॉट टीम के द्वारा जारी किए गए लुक आउट नोटिस के बाद गिरफ्तार कर लिया था। जावेद की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही स्वॉट टीम प्रभारी अब्दुल रहमान सिद्दीकी अपने सहयोगियों के साथ दिल्ली पहुंच गये थे। उसके बाद अब्दुर रहमान सिद्दीकी की टीम ने जावेद को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर इस शातिर बदमाश से पूछताछ करनी शुरू कर दी थी। साथ ही जावेद गैंग के द्वारा विभिन्न राज्यों में स्थित मोबाइल टॉवर्स से चुराये गये लाखों के महंगे उपकरण भी बरामद करने में सफलता प्राप्त की।
पुलिस लाइन स्थित परमजीत हॉल में गुरुवार को मोबाइल टावरों के आरआर यूनिट चोरी करने वाले गैंग का खुलासा करते हुए डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि जावेद मीरापुरिया को ट्रांजिट रिमांड पर लेने के बाद उसके पास से लाखों रुपये कीमत के मोबाइल टावर की रेडियो रिसीवर 5 यूनिट और मोबाइल टावर के 5 ड्यूप्लैक्सर बरामद किया गया है। आरोपी अरबों रुपये के आरआर यूनिट जैसे महंगे उपकरण चुराने वाले राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय गैंग का सरगना है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। आरोपी दुबई भागने की फिराक में था। उसी समय इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इमिग्रेशन डिपार्टमेंट द्वारा दिल्ली पुलिस को जावेद के दुबई जाने की सूचना दी गई और दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा जावेद को हिरासत मे ले लिया गया और गाजियाबाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। जिस पर क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी व थाना नन्दग्राम की पुलिस ने दिल्ली जाकर जावेद मीरापुरिया को न्यायालय पटियाला हाऊस नई दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड लेकर नन्दग्राम आए और उससे पूछताछ पर मोबाइल टावरो से रेडियो रिसीवर यूनिट व अन्य उपकरण चोरी करना व करवाना एवं उसको देश से बाहर दुबई व चाईना भेजना की बात बताई।
डीसीपी सिटी ने बताया पकड़ा गया आरोपी कक्षा 3 तक पढ़ा हुआ है और दो भाई व पांच बहने है। इसके पिता मोबाइल के पत्ते व कम्प्यूटर के कबाडे की फेरी का काम करते थे। पढाई छोड़कर वह भी अपने पिता के साथ कम्प्यूटर के कबाडे का काम सीखने लगा। काम सीखने के बाद जावेद ने खुद का काम शुरू कर दिया। इसके बाद मोबाइल के पत्तो का कबाड का काम शुरू किया, जिसमे काफी फायदा हुआ और मार्केट मे जावेद को काफी लोग जानने लगे इसी बीच नोट बंदी हो गई। जिसमें उसके पास काफी माल रूक गया फिर धीरे धीरे उसने यमुना विहार दिल्ली के रहने वाले अबरार के साथ काम शुरू किया जो मोबाइल के कबाड को चाइना मे सप्लाई करता था जब चाईना की पार्टियों से जावेद का सम्पर्क हो गया तो वह अबरार से अलग हो गया। लॉकडाउन के बाद वर्ष 2020 में दिनेश नाम का व्यक्ति जो आरआरयू के कबाड का काम करता था। मुस्तफाबाद में जावेद से मिला और उसने बताया कि आरआरयू को तोड़कर बेचने के बजाय पूरा सप्लाई करो तो 8500 रुपये प्रति आरआरयू दिया जाएगा। जावेद ने आस-पास के मार्केट से आरआरयू इक_ा कर दिनेश को देना शुरू कर दिया जो विशाखापट्टनम में किसी को बेचता था। जो माल को दुबई भिजवाता था। इसी बीच दिनेश चोरी के आरआरयू में आगरा से जेल चला गया तो जावेद ने दिनेश के साथ काम करने वाले लडके से दुबई का पता ले लिया और दुबई चला गया। वहां जाकर लेवल- 3 कम्पनी के मालिक अलीमुद्दीन जो हैदराबाद का रहने वाला था से मुलाकात की और उसे डायरेक्ट माल अपने फर्म कशफ इन्टरप्राईजेज के नाम से भेजने लगा। धीरे-धीरे आरआरयू की डिमांड बढ़ने लगी इसी बीच दिनेश जेल से छूटकर सीलमपुर के नसीम टिड्डा के साथ फिर से काम करने लगा और मार्केट मे कंपटीशन बढ गया जिससे माल महंगा खरीदा जाने लगा।
वर्ष 2021 में दिनेश चाणक्यपुरी दिल्ली से जेल चला गया उसी बीच हाजी जावेद सीलमपुर वाले ने ये काम शुरू किया। दोनो ने मिलकर एक गिरोह बनाया। जिसमें इनके अलावा अल्ताफ, सोहेल, वसीम, राहुल गोयल, शुऐब, कैफ मलिक, सुमित कासाना, जुबैर, शहजाद, नईम, मेहराजुद्दीन व जावेद का भाई वसीम व इनके सम्पर्क मे आने वाले कई चोर शामिल थे। जो देश के विभिन्न राज्यों से मोबाइल टावरो की रेडियो रिसीवर यूनिट, बैट्री, ड्यूप्लैक्सर व अन्य सामान चोरी करके लाते थे जब 50-60 आरआरयू हो जाती थी तो जावेद ट्रांसपोर्ट के जरिए कंटेनर से समुद्री जहाज या हवाई जहाज से वीफोन कंपनी हॉगकॉग (चीन) तथा लेवल-3 कम्पनी दुबई में मांग के अनुसार भेजता रहता था। चाईना व दुबई माल भेजने के लिए स्क्रैप के बिल लगा कर भेजते थे।
जितने पैसे बिल पर होते थे उसका लेन-देन अकाउंट से तथा बाकी माल का पैसा हवाला के माध्यम से आता था। पूछताछ में जावेद ने बताया जब उसके गिरोह के सदस्य जेल चले गये तो वह दुबई भाग गया था। जावेद अपने विरूद्ध पंजीकृत अभियोगों में अग्रिम जमानत कराने के लिए कुछ समय पहले वह भारत आया था परन्तु सभी मुकदमों में अग्रिम जमानत नही मिल पाने के कारण वह पुन: दुबई भागने के फिराक मे था। गिरोह के कई सदस्य पश्चिमी बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली एनसीआर व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मोबाइल टावरों से रेडियो रिसीवर यूनिट, बैटरी व अन्य कीमती उपकरण चोरी करते है। जिसे वह दुबई व चाईना भेजता है।

















