-रात्रिकालीन गश्त मजबूत, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल; ‘ऑपरेशन प्रहार’ की प्रगति की समीक्षा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अब रणनीति के स्तर पर सख्ती दिखाई दे रही है। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपराध की हर घटना का गहन विश्लेषण कर अपराधियों पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों में भय और आमजन में सुरक्षा का विश्वास बना रहे। पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित कमिश्नरेट की साप्ताहिक अपराध समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके पीछे ठोस रणनीति, सतत निगरानी और जमीनी स्तर पर सक्रिय पुलिसिंग आवश्यक है। उन्होंने रात्रिकालीन गश्त को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि रात के समय अपराध की संभावनाएं अधिक रहती हैं, ऐसे में गश्त व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। संवेदनशील और चिन्हित इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी आपराधिक गतिविधि पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके।
बैठक में अपराध नियंत्रण की समग्र रणनीति की समीक्षा की गई। हाल में घटित घटनाओं का विश्लेषण करते हुए पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई केवल औपचारिक न हो, बल्कि ऐसी हो जिससे दोबारा अपराध करने की हिम्मत न हो। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपराध पर अंकुश लगाने की योजनाओं को और प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक का सही उपयोग पुलिसिंग को अधिक सशक्त और परिणामोन्मुख बना सकता है। कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान महिला सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और संगठित अपराधों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है। वहीं, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी सख्त निगरानी और प्रभावी प्रबंधन की आवश्यकता है, ताकि आमजन को अनावश्यक असुविधा न हो।
बैठक में जनपद में अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ की भी विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यह अभियान केवल कार्रवाई का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में भयमुक्त वातावरण स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए कठोर कार्रवाई जारी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराधों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ ने नागरिकों से भी अपील की कि वे पुलिस के साथ सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण संभव है।
बैठक में एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय एवं अपराध केशव चौधरी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था एवं यातायात आलोक प्रियदर्शी, पुलिस उपायुक्त नगर धवल जायसवाल, पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल, पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेन्द्रनाथ तिवारी सहित समस्त अपर पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त मौजूद रहे। स्पष्ट निर्देशों और सख्त रुख से यह संदेश गया कि गाजियाबाद कमिश्नरेट में अपराधियों के लिए अब कोई जगह नहीं है और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर निर्णायक कार्रवाई तय है।
















