सीईओ कृष्णा करुणेश की प्राथमिकता शहरवासी, जनसुनवाई में किया बड़ा बदलाव

  • प्राधिकरण की जनसुनवाई का नया पैटर्न मंगलवार से लागू होगा, सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रमुख अधिकारी बोर्ड रूम में बैठकर समस्याएं सुनेंगे 

नोएडा। नव नियुक्त सीईओ कृष्णा करुणेश अपने आवंटियों व शहर में रहने वाले लोगों सहूलियत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अथॉरिटी में जनसुनवाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्राधिकरण की जनसुनवाई का नया पैटर्न मंगलवार से लागू होगा, जिसके तहत सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक सभी प्रमुख अधिकारी एक साथ बोर्ड रूम में बैठकर जनता की समस्याएं सुनेंगे और उनका निस्तारण करेंगे।

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य फरियादियों को त्वरित राहत देना और उन्हें अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से बचाना है।नई व्यवस्था के तहत एडिशनल सीईओ (एसीईओ), ओएसडी और जीएम स्तर के सभी अधिकारी जनसुनवाई के दौरान एक साथ मौजूद रहेंगे। इससे शिकायतों पर मौके पर ही सामूहिक निर्णय लिया जा सकेगा और विभागीय समन्वय बेहतर होगा। अब तक की प्रणाली में फरियादियों को अपनी समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग विभागों और अधिकारियों से संपर्क करना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की अनावश्यक बर्बादी होती थी। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने इस व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया है।

उनका मानना है कि एक ही स्थान पर सभी संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी से शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान संभव हो सकेगा। साथ ही, इससे अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी और लंबित मामलों में कमी आएगी।अथॉरिटी सूत्रों के अनुसार, जनसुनवाई के दौरान शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा। जिन मामलों का समाधान तत्काल संभव होगा, उन्हें मौके पर ही निपटाया जाएगा, जबकि जटिल मामलों के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएंगे और उनकी समय-सीमा भी तय की जाएगी।नई व्यवस्था से खास तौर पर प्लॉट, फ्लैट, लीज, जल आपूर्ति, सीवर, सड़क, स्ट्रीट लाइट और अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतों के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है। नोएडा अथॉरिटी का मानना है कि इस पहल से जनसुनवाई प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितैषी बनेगी।

प्राधिकरण का उद्देश्य आवंटियों और शहरवासियों को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में जनसुनवाई व्यवस्था में बदलाव किया गया है, ताकि फरियादियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। एक ही स्थान पर सभी वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी से समस्याओं का मौके पर समाधान संभव होगा और जटिल मामलों में स्पष्ट समय-सीमा के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल जनता को राहत मिलेगी, बल्कि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
कृष्णा करुणेश, सीईओ, नोएडा अथॉरिटी