सावन में श्रद्धालुओं को मिली राहत, दूधेश्वरनाथ मंदिर मार्ग पर नगर निगम की व्यवस्था सराहनीय

-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की पहल पर टेंट, पेयजल व सफाई की विशेष व्यवस्था
-कांवड़ यात्रा व जलाभिषेक के लिए तैनात रहा नगर निगम का अमला

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन मास में जहां एक ओर श्रद्धा और भक्ति का माहौल अपने चरम पर है, वहीं गाजियाबाद नगर निगम ने सेवा भाव और प्रशासनिक जिम्मेदारी का सुंदर उदाहरण पेश किया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की पहल पर इस वर्ष प्राचीन दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के जलाभिषेक कर सकें और लंबी कतारों में सहजता से प्रतीक्षा कर सकें। सावन के प्रत्येक सोमवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु दूधेश्वरनाथ मंदिर पहुंचते हैं। भीड़ और गर्मी की तीव्रता को देखते हुए इस बार नगर निगम ने बैरिकेडिंग वाले पूरे मार्ग पर टेंट लगवाकर धूप से राहत की विशेष व्यवस्था करवाई है। साथ ही, राह में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है, जिससे गर्मी और उमस से राहत पाने में श्रद्धालुओं को बड़ी सहूलियत मिली है। श्रद्धालुओं द्वारा पहले की गई मांग को गंभीरता से लेते हुए इस बार निगम ने पहले ही यह तैयारी पूरी कर ली थी, जो न केवल समयबद्ध कदम है बल्कि संवेदनशील प्रशासन का प्रमाण भी है।

दूधेश्वरनाथ मंदिर क्षेत्र, जो कि गाजियाबाद के धार्मिक नक्शे पर एक प्रमुख स्थान रखता है, वहां नगर निगम ने हर पहलू पर ध्यान दिया है। जस्सीपुरा से मंदिर तक पूरे मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई है, और उसके ऊपर टेंट लगाए गए हैं ताकि सीधे सूर्य प्रकाश से श्रद्धालुओं को बचाया जा सके। कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे रूट पर सफाई, रोशनी और स्वास्थ्य संबंधित सेवाएं भी निरंतर सक्रिय रही हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम का हर अधिकारी, कर्मचारी और सफाई मित्र इस कार्य को केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा समझकर निभा रहा है। कांवड़ यात्रा और सावन के सोमवारों को ध्यान में रखते हुए निगम का पूरा अमला 24 घंटे की ड्यूटी पर तैनात रहता है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान में पार्षदों का सहयोग विशेष रूप से सराहनीय रहा है, जिन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर व्यवस्था बनाए रखने में हरसंभव मदद की।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष श्रद्धालुओं द्वारा निगम से यह मांग की गई थी कि मंदिर तक पहुंचने वाली लंबी कतारों में उन्हें धूप से राहत दिलाई जाए। इस वर्ष निगम ने न केवल उस मांग को पूरा किया, बल्कि उससे कहीं बेहतर व्यवस्थाएं कर श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया। नगर निगम की यह सजगता और तत्परता न केवल नगर वासियों के लिए संतोषजनक रही, बल्कि पूरे शहर में इस कार्य की प्रशंसा हो रही है। गाजियाबाद नगर निगम ने यह साबित कर दिया है कि जब प्रशासन में इच्छाशक्ति हो और सेवा भाव भी, तो व्यवस्था न केवल व्यवस्थित होती है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान भी बरकरार रहता है। दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर की ओर जाने वाला यह सेवा मार्ग अब केवल एक धार्मिक रास्ता नहीं, बल्कि शहर की प्रशासनिक संवेदनशीलता और जनसेवा की मिसाल बन गया है।

श्रद्धालुओं की सेवा ही हमारी प्राथमिकता

विक्रमादित्य सिंह मलिक
म्युनिसिपल कमिश्नर, गाजियाबाद

सावन मास में विशेष रूप से दूधेश्वरनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने पूरी संवेदनशीलता के साथ व्यापक इंतजाम किए हैं। हमने बैरिकेडिंग वाले मार्ग पर टेंट लगवाए हैं, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है और सफाई से लेकर रोशनी तक की व्यवस्था में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। हमारा पूरा अमला चाहे अधिकारी हों, सफाई मित्र हों या अन्य कर्मचारी इस जिम्मेदारी को केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि सेवा के भाव से निभा रहा है। हमने श्रद्धालुओं की पिछली मांगों को गंभीरता से लिया है और इस बार समय से पहले तैयारियां पूरी की गईं। मेरा मानना है कि जब प्रशासन में संवेदनशीलता और इच्छाशक्ति हो, तो व्यवस्था सिर्फ कार्य नहीं रहती, वह जनसेवा का प्रतीक बन जाती है। पार्षदों और स्थानीय प्रतिनिधियों का सहयोग इस अभियान में अत्यंत सराहनीय रहा है। हमारा उद्देश्य केवल व्यवस्थाएं देना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं का पूरा सम्मान करना है।
विक्रमादित्य सिंह मलिक,
नगर आयुक्त