आपदा : उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने से भारी तबाही

हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूटा, 100-150 श्रमिक लापता

देहरादून। उत्तराखंड के चमोली में रविवार को अचानक ग्लेशियर टूटने से आफत आ गई। ऐसे में हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूट गया। हादसे के बाद से डेढ़ सौ से ज्यादा श्रमिकों के लापता होने की आशंका है। इस बीच उत्तराखंड सरकार एकाएक एक्शन में आ गई है। प्रभावित क्षेत्र में फंसे नागरिकों के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है। एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। आईटीबीपी के जवान भी मौके पर रवाना किए गए हैं। उत्तराखंड में चमोली नंदा देवी नेशनल पार्क के अंतर्गत कोर जोन में ग्लेशियर फटने से रैणी गांव के निकट ऋषि गंगा तपोवन हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध भी टूट गया। हाइड्रो प्रोजेक्ट में कार्यरत करीब डेढ़ सौ श्रमिकों के लापता होने की आशंका जाहिर की गई है। पानी के तेज बहाव में आस-पास के मकान भी बह गए हैं। नागरिकों को संभलने का मौका तक नहीं मिल पाया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट कर नागरिकों से अफवाहों से बचने की अपील की है। मुख्यमंत्री रावत ने ट्वीट में लिखा है कि जनपद चमोली में आपदा का समाचार मिला है। पुलिस-प्रशासन और आपदा प्रबंधन को फौरन कार्रवाई करने का आदेश दे दिया गया हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान ना दें। सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह खुद घटनास्थल पर रवाना हो रहे हैं। एसडीएफआर की टीम मौके पर पहुंच गई। इस टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इसके अलावा आईटीबीपी के जवान भी राहत के लिए घटनास्थल पर रवाना हो गए हैं। अलकनंदा के पास के क्षेत्रों से नागरिकों को निकाला जा रहा है। एहतियात के तौर पर भागीरथी नदी के प्रवाह को रोक दिया गया है। एसडीआरएफ अलर्ट पर है। उत्तराखंड सरकार ने हादसे के मद्देनजर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। प्रभावित क्षेत्र में फंसे नागरिक आपदा परिचालन केंद्र के नंबर 1070 या 9557444486 पर संपर्क कर सकते हैं।