-अपराध जगत को सबक सिखाने के बाद अब नियम तोड़ने वालों पर कसा शिकंजा
-चालान, वाहन सीज और लाइसेंस निरस्तीकरण से हड़कंप, जागरूकता अभियान ने भी बनाया बड़ा असर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में यातायात व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने की कमान जबसे एडीसीपी ट्रैफिक सचिदानंद बर्नवाल ने संभाली है, तबसे सड़क अनुशासन का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। पुलिस की कार्यशैली में बदलाव आमजन भी महसूस कर रहा है। सख़्ती और जन-जागरूकता के संतुलित मेल से ट्रैफिक पुलिस ने ऐसा संदेश दिया है कि नियमों की अनदेखी अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एडीसीपी सचिदानंद बर्नवाल की गिनती उन अफसरों में होती है जिनका नाम आते ही अपराधी सहम जाते हैं और जनता चैन की सांस लेती है। पूर्व में एडीसीपी क्राइम रहते हुए उन्होंने जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसकर गाजियाबाद की कानून-व्यवस्था को नया आयाम दिया। अब ट्रैफिक विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही उन्होंने यह साबित कर दिया है कि उनका मिशन केवल अपराधियों को सबक सिखाना ही नहीं, बल्कि शहर की सड़कों पर अनुशासन कायम करना भी है।
हाल ही में ट्रैफिक पुलिस ने दस दिन का व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान जहां लोगों को यातायात नियमों का महत्व समझाया गया, वहीं नियम तोडऩे वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई भी की गई। 1168 चालान काटे गए और कई वाहन सीज़ किए गए। बार-बार नियम तोड़ने वाले हज़ारों वाहन चालकों को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार की गई। आरटीओ विभाग को भेजी गई इस सूची के आधार पर लाइसेंस और आरसी निरस्तीकरण की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। मंगलवार को पुलिस ने बिना हेलमेट चलने वाले दोपहिया चालकों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया। जगह-जगह बैरियर लगाए गए और कानून तोडऩे वालों को सबक सिखाया गया। अचानक हुई इस सख़्ती से शहरभर में चर्चा का माहौल बन गया और वाहन चालक सतर्क नजर आने लगे।
एडीसीपी ट्रैफिक सचिदानंद बर्नवाल की कार्यशैली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे सिर्फ दंडात्मक कार्रवाई पर ही नहीं, बल्कि जन-जागरूकता और संवाद पर भी जोर देते हैं। एडीसीपी ट्रैफिक ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि जो नियम मानेगा वो सुरक्षित चलेगा, और जो नियम तोड़ेगा वो सजा पाएगा। उनकी यही कड़ी और पारदर्शी कार्यशैली अब गाजियाबाद की जनता के लिए उम्मीद की किरण बन गई है। जहां पहले लोग ट्रैफिक व्यवस्था की अव्यवस्था से परेशान रहते थे, वहीं अब अनुशासन और सुरक्षा की एक नई तस्वीर उभरकर सामने आई है।
अपराध से ट्रैफिक तक -हर मोर्चे पर साबित किया लोहा
सचिदानंद बर्नवाल जब एडीसीपी क्राइम थे, तब उन्होंने अपराधियों के खिलाफ जिस मुस्तैदी से कार्रवाई की थी, वह आज भी पुलिस महकमे और जनता दोनों के ज़ेहन में ताज़ा है। अब ट्रैफिक विभाग में रहते हुए उन्होंने यह जता दिया है कि उनकी प्राथमिकता केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि हर उस समस्या को हल करना है जो आम नागरिक की जि़ंदगी को प्रभावित करती है।
भविष्य की रूपरेखा: सख्ती, और जागरूकता
एडीसीपी ट्रैफिक ने साफ किया है कि यह अभियान केवल शुरुआत है। भविष्य में बार-बार नियम तोड़ने वालों पर और सख़्त कार्रवाई होगी। वहीं, बच्चों और युवाओं के बीच यातायात नियमों की जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालयों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

एडीसीपी ट्रैफिक
हमारा उद्देश्य केवल चालान काटना या वाहन सीज़ करना नहीं है, बल्कि गाजियाबाद की सड़कों को सुरक्षित और अनुशासित बनाना है। नियम सबके लिए हैं और जो भी बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम पहले अपराधियों को सबक सिखा चुके हैं और अब सड़क पर अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी टीम लगातार जागरूकता अभियान भी चला रही है ताकि लोग नियमों का पालन स्वेच्छा से करें। सुरक्षित यातायात ही सुरक्षित जीवन की गारंटी है।
सचिदानंद बर्नवाल
एडीसीपी ट्रैफिक
















