-सिर्फ कुछ दिनों में हुआ खुलासा, अवैध संबंधों के त्रिकोणीय जाल में फँसकर गई थी युवक की जान, प्रेमिका समेत मकान मालिक गिरफ्तार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसने में गाजियाबाद पुलिस ने एक और मिसाल कायम की है। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल की तेज नेतृत्व क्षमता और वैज्ञानिक जाँच पर आधारित कार्यशैली के चलते क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना प्रभारी सरिता सिंह की टीम ने एक बेहद पेचीदा ब्लाइंड मर्डर केस का राज खोल दिया। पुलिस ने मात्र कुछ दिनों में ही न सिर्फ हत्या की गुत्थी सुलझाई बल्कि वारदात में शामिल महिला और उसके मकान मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया। 6 अगस्त को चित्रावन सोसाइटी के पास एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। शव की पहचान मेरठ जनपद के किठौर थाना क्षेत्र के नवलसूरजपुर निवासी रोहित के रूप में हुई। मामला बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण था क्योंकि हत्याकांड में सुराग बेहद कम थे। एसीपी प्रियाश्री पाल ने शुरुआत से ही टीम को स्पष्ट कर दिया कि हर कदम पर वैज्ञानिक और भौतिक तरीकों को प्राथमिकता दी जाए। उनकी दिशा-निर्देशन में थाना प्रभारी सरिता सिंह ने सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज का गहराई से विश्लेषण किया। यही पुलिस की बड़ी सफलता साबित हुई और धीरे-धीरे केस की परतें खुलने लगीं।
जाँच में सामने आया कि हत्या की मुख्य सूत्रधार महिला मूल रूप से अलीगढ़ निवासी है। वह काफी समय से क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में अपने मकान मालिक संजय निवासी न्यू शांतिनगर के मकान में किराए पर रह रही थी। महिला का अवैध संबंध मृतक रोहित से था। दूसरी ओर, मकान मालिक संजय से भी उसकी नजदीकियां बढ़ गई थीं।
एसीपी वेवसिटी प्रियाश्री पाल ने बताया रोहित लगातार महिला पर शादी का दबाव बना रहा था। इस दबाव से छुटकारा पाने के लिए महिला और मकान मालिक ने मिलकर खौफनाक साजिश रच डाली। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने रोहित की हत्या उसका तकिये से मुँह दबाकर कर दी और बाद में शव को चित्रावन सोसाइटी के पास फेंक दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गाजियाबाद पुलिस की इस कामयाबी के पीछे सबसे अहम भूमिका एसीपी प्रियाश्री पाल की रही है।
उनकी तेज सोच, पैनी निगाह, सख्त कार्यशैली और आधुनिक जांच तकनीकों पर भरोसा ने इस केस को सुलझाने में बड़ी मदद की। जिस तरह उन्होंने पूरे मामले की निगरानी की और टीम को दिशा दी, वह यह साबित करता है कि अपराधियों के लिए गाजियाबाद अब सुरक्षित पनाहगाह नहीं है। थाना प्रभारी सरिता सिंह और उनकी टीम ने जिस तत्परता और प्रोफेशनल अंदाज से इस केस की पड़ताल की, उसकी हर स्तर पर सराहना की जा रही है। महज़ कुछ दिनों में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा गाजियाबाद पुलिस की क्षमता और प्रतिबद्धता को उजागर करता है। एसीपी प्रियाश्री पाल की इस कार्यशैली ने गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस की छवि को और मजबूत किया है और जनता का भरोसा और गहरा हुआ है।
















