गौतम पब्लिक स्कूल में दीपावली महोत्सव: रंग, रोशनी और सांस्कृतिक उल्लास से जगमगा उठा परिसर

• प्रांगण की सजावट में दीपों और झिलमिल करती झालरों ने बढ़ाया उत्सव का सौंदर्य
• विद्यार्थियों ने दीया सजावट, रंगोली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
• प्रधानाचार्या पूनम गौतम का संदेश: दीपावली अंधकार मिटाकर सकारात्मक ऊर्जा का पर्व
• उपप्रधानाचार्या तनुजा ने पर्यावरण और समृद्धि पर दी शुभकामनाएँ
• सामूहिक पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से विद्यालय परिसर में बना दिव्यता का माहौल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रताप विहार स्थित गौतम पब्लिक सीनियर सैंकेडरी स्कूल, पी ब्लॉक के प्रांगण में शनिवार को प्रकाश और समृद्धि के महापर्व दीपावली को अत्यंत हर्षोल्लास और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। पूरे विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगी झालरों, फूलों और दीयों से सजाया गया, जिससे वातावरण उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।
इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया। बच्चों ने दीया सजावट, कैंडल निर्माण, दीवार सजावट, लोटस मेकिंग, लक्ष्मी चरण निर्माण, शुभ-लाभ निर्माण, गेंदे के फूलों से हैंगिंग सजावट और रंगोली प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी सृजनात्मकता का परिचय दिया। चारों हाउस प्रगति, प्रेरणा, समृद्धि और शक्ति की छात्राओं ने मनमोहक रंगोलियाँ बनाईं, जिनमें पारंपरिक आकृतियों के साथ दिवाली की पौराणिक भावनाओं को भी सुंदरता से उकेरा गया। रंगों और दीयों की जगमगाहट से सारा विद्यालय परिसर एक जीवंत आभा से चमक उठा।
कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम गौतम के निर्देशन और देखरेख में किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन से अंधकार मिटाकर ज्ञान, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रकाश फैलाने का प्रतीक है। ‘दीपों की पंक्ति’ का अर्थ ही है अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होना यही मानव जीवन का वास्तविक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व हमें यह सिखाता है कि जब हम अपने भीतर के अंधकार, अज्ञान, द्वेष और नकारात्मकता को मिटा देते हैं, तभी सच्ची समृद्धि और शांति हमारे जीवन में आती है।
विद्यालय की उपप्रधानाचार्या तनुजा ने सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व न केवल धन की देवी लक्ष्मी और बुद्धि के देवता गणेश की आराधना का प्रतीक है, बल्कि सुख, समृद्धि और सद्भाव का संदेश भी देता है। हमें ‘पटाखामुक्त दीपावली’ मनाकर पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए। स्वच्छ वातावरण ही वास्तविक समृद्धि का प्रतीक है। एकेडमिक हेड चेतन शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि दीपावली का पर्व हमें सिखाता है कि सत्य, धर्म और सदाचार की राह पर चलकर हम किसी भी कठिनाई को पार कर सकते हैं। यह हमारे मन के अंधकार को मिटाने और आपसी प्रेम, सहयोग तथा एकता का बंधन मजबूत करने का अवसर है।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने सामूहिक रूप से भगवान श्री गणेश और मां लक्ष्मी की आराधना की। दीपों की रौशनी में पूरे विद्यालय का वातावरण दिव्यता से भर उठा। बच्चों ने गीत, कविता और नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दीपावली का धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या पूनम गौतम ने समस्त शिक्षकों और विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए बधाई दी और कहा कि दीपावली का यह पर्व सभी के जीवन में नई आशा, नई ऊर्जा और उज्ज्वल भविष्य लेकर आए। विद्यालय प्रांगण में सजी रंगोलियाँ, टिमटिमाते दीपक और मुस्कुराते चेहरों ने इस दीपोत्सव को यादगार बना दिया। वास्तव में, यह उत्सव केवल विद्यालय परिसर में नहीं, बल्कि सभी के हृदयों में उजाला कर गया
पूनम गौतम
प्रधानाचार्या
दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं है, यह ऐसी रोशनी है जो अंधकार मिटाकर जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करती है। दीपावली का अर्थ है ‘दीपो की पंक्ति’, जो अंधकार से प्रकाश की ओर बढऩे का प्रतीक है। यह पर्व न केवल धार्मिक है, बल्कि समाज में एकता, भाईचारा और प्रेम का संदेश भी देता है। दिवाली बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।
पूनम गौतम
प्रधानाचार्या
तनुजा
उपप्रधानाचार्या
हिंदू धर्म में दीपावली को सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि दीपोत्सव के मौके पर गणेश और लक्ष्मीजी की आराधना से घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है। हमें पटाखा रहित दीपावली मनानी चाहिए, जिससे पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति मिले और स्वास्थ्य तथा सुरक्षा बनी रहे। यह पर्व हमें आपसी प्रेम, सौहार्द्र और भाईचारे के मूल्य सिखाता है।
तनुजा
उपप्रधानाचार्या