DM रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने MMG अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार को दी सख्त हिदायत

• सफाई, दवाइयाँ, आपातकालीन सेवाएँ और मरीज कल्याण पर डीएम ने जताई सख्त निगरानी; प्रशासन को चेतावनी-लापरवाही बर्दाश्त नहीं
• जनता को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: जिलाधिकारी मॉंदड़

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनता को सुरक्षित, सुगम और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने मंगलवार को जीटी रोड स्थित एमएमजी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। डीएम की अचानक उपस्थिति से प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल मच गई और निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रत्येक विभाग और व्यवस्था का गहराई से परीक्षण किया।
निरीक्षण की शुरुआत जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर और वार्डों की सफाई से की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थान पर गंदगी नहीं रहनी चाहिए और मरीजों व तीमारदारों के लिए साफ पेयजल, स्वच्छ शौचालय और नियमित सफाई मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी मॉंदड़ ने सभी वार्डों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए उपस्थित चिकित्सकों और स्टाफ को कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आदेश दिया कि प्रत्येक मरीज की समय पर जांच हो, दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और शिकायतों का तत्पर निस्तारण किया जाए।

डीएम ने सीएमएस डॉ. राकेश सिंह को निर्देशित किया कि कर्मचारियों की ड्यूटी समयबद्ध और मरीजों के प्रति संवेदनशील रहे। उन्होंने आवश्यक मशीनों, प्रयोगशालाओं और जांच केंद्रों की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाए रखने का भी आदेश दिया। विशेष रूप से आपातकालीन सेवाओं पर डीएम ने सख्त निगरानी जताई और कहा कि किसी भी आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को तुरंत प्राथमिकता दी जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, वार्ड और जांच मशीनों की कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार तुरंत प्रभाव से लागू किए जाएँ।

उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन का उद्देश्य जनता को सुरक्षित, स्वच्छ और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है और इसके लिए नियमित निरीक्षण जारी रहेंगे। रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की सक्रिय और तेज कार्यशैली के कारण जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की पहल लगातार मजबूत हो रही है। उनके कठोर और पारदर्शी निरीक्षण से अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट संदेश मिला है कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार अब विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्य है।