संयुक्त टीम ने घटनास्थल का लिया जायजा
गाजियाबाद। मुरादनगर के उखलारसी शमशान घाट में मंगलवार को पहुंची जांच टीम को भ्रष्टाचार के सबूत मिले है। वहां गोदाम और अन्य भवन सील किया गया हैं। डीएम द्वारा गठित जांच टीम ने आज मौके पर जाकर जांच की। जीडीए के चीफ इंजीनियर विवेकानंद सिंह, नगर निगम के चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन, जीएम प्रोजेक्ट छेदीलाल टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। जांच के दौरान टीम ने देखा कि गैलरी बनाने मे इस्तेमाल किए गए सरिए कम एमएम साइज के अनुसार लगाए गए। जबकि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी मानक के अनुरूप नहीं है। गैलरी का डिजाइन भी गलत पाया। मानक से भी ज्यादा ऊंचाई पर लेंटर डाला गया था। पिलर की संख्या भी कम थी। इस दौरान लकड़ी का गोदाम सहित अन्य भवन को सील कर दिया गया। टीम ने गैलरी गिरी छत के मलबे की भी जांच की। टीम ने प्रारंभिक जांच में साफ कर दिया है कि गैलरी सहित अन्य भवन का निर्माण मानकों के विपरीत था। न तो पिलर की संख्या ठीक है, ना भवनों का डिजाइन।
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जांच टीम में शामिल अधिकारियों के मुताबिक जांच में पाया गया कि गैलरी बनाने में इस्तेमाल सरिए का साइज और निर्माण सामग्री मानक के अनुसार नहीं है। गैलरी का डिजाइन भी गलत है। मानक से भी ज्यादा ऊंचाई पर लेंटर डाला गया है। पिलर की संख्या भी कम है। प्रत्येक पिलर का साइज भी टीम ने नोट किया। इस बिल्डिंग में हथौड़ा मारकर देखा कि कुछ जगह पर खड़े कॉलम में सिर्फ ईंट से चिनाई कर दीवार बनाई गई है। उसमें सरिए का इस्तेमाल नहीं किया गया। जांच टीम अब जल्द अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। शमशान घाट में निर्माण कार्य में लापरवाही के साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मानक की जांच भी कराई जाएगी। यह जांच आईआईटी रुड़की या राइट्स की जांच एजेंसी से कराई जाएगी। क्योंकि इस तरह की जांच के लिए उन्हें विशेषज्ञ माना गया है। वहीं, संगम विहार कॉलोनी निवासी एक और बुजुर्ग की जान चली गई। उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए उसी अंत्येष्टि स्थल पर लाया गया, जहां रविवार को हादसा हुआ था।
















