कमिश्नर और डीएम की मुश्किलें बढ़ने के आसार

मुरादनगर श्मशान घाट हादसे में आ सकते हैं लपेटे में

गाजियाबाद। मुरादनगर के उखलारसी शमशान घाट में 25 लोगों की मौत के मामले में मेरठ मंडल की कमिश्नर अनीता सी मेश्राम और जिलाधिकारी डॉ. अजय शंकर पांडेय पर जल्द तबादले की गाज गिर सकती है। इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने दिसंबर में टीएसी कमेटी को भंग कर दिया था। प्रदेश सरकार ने 17 जुलाई को जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय को गाजियाबाद का डीएम नियुक्त किया था। इनके डेढ़ साल से अधिक के कार्यकाल में इनके द्वारा भूमि के मुआवजे विवाद, म्यूटेशन, नगर पालिका, नगर पंचायत में भ्रष्टाचार को लेकर आज तक कोई ऐसा कार्य नहीं किया गया, जिससे यह घोटाले पकड़ में आ सकें। इनके कार्यकाल की विफलता के कारण इतना बड़ा हादसा हो गया। डीएम पांडेय, विधायक अजित पाल त्यागी, एडीएम (प्रशासन) संतोष कुमार वैश्य, एडीएम (सिटी) शैलेंंद्र कुमार सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा, मोदीनगर एसडीएम आदित्य प्रजापति आदि ने मंगलवार को पीडि़त परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। पीडि़त परिवारों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया गया।

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पुलिस द्वारा गिरफ्तार अधिशासी अधिकारी निहारिका चौहान, जेई चंद्रपाल सिंह, सुपरवाइजर आशीष, ठेकेदार अजय त्यागी, ठेकेदार संजय गर्ग के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) एवं गैंग बनाकर कमीशन लेने के आरोप में गैंगस्टर एक्ट, लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ठेकेदार अजय त्यागी की फर्म से ब्याज समेत दी गई धनराशि वसूली जाएगी। इन दोषियों की संपत्ति जब्त की कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा एसडीएम मोदीनगर आदित्य प्रजापति को सिविल एवं अपराधिक दायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं।