-करुणेन्द्र सिंह की सख्ती से नियम तोड़ने वालों में खौफ, राजस्व चोरी और अवैध पार्टियों पर आबकारी विभाग की पैनी नज़र
-मैरिज एनिवर्सरी पार्टी में बिना लाइसेंस के परोसी जा रही थी शराब, 10 हजार रुपये की शराब बरामद
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए ‘मिशन जीरो टॉलरेंस’ की तर्ज पर कार्रवाई तेज कर दी है। अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर शिकंजा कसने के बाद अब आबकारी विभाग ने बिना लाइसेंस शराब परोसने वाले रेस्टोरेंट, होटल, बार और निजी पार्टियों के आयोजकों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि नियमों की अनदेखी कर राजस्व चोरी करने वालों और विभाग की छवि धूमिल करने वालों के लिए अब कोई नरमी नहीं होगी, उनका एकमात्र ठिकाना जेल होगा। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीमें लगातार देर रात तक छापेमारी और निगरानी कर रही हैं। उनकी सख्त नीति, स्पष्ट रणनीति और सक्रिय कार्यशैली के चलते अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। जिले में कानून का पालन सुनिश्चित करना और विभागीय राजस्व में वृद्धि करना, दोनों ही लक्ष्य आबकारी विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसी क्रम में शनिवार देर रात आबकारी विभाग की टीम ने गोमतीनगर क्षेत्र में बिना लाइसेंस शराब पार्टी के आयोजन का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई न केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आबकारी विभाग अब हर स्तर पर सख्ती से कानून लागू करने के मूड में है।
जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने बताया कि शनिवार रात मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि गोमतीनगर के पत्रकारपुरम क्षेत्र में स्थित ‘द कांसेप्ट’ रेस्टोरेंट में बिना बार लाइसेंस के शराब परोसी जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद आबकारी निरीक्षक विवेक सिंह, ऋचा सिंह और अरविंद बघेल की संयुक्त टीम का गठन कर मौके पर भेजा गया। करीब रात 11:30 बजे टीम ने पत्रकारपुरम स्थित विजयश्री टावर के तीसरे तल पर बने ‘द कांसेप्ट’ रेस्टोरेंट में दबिश दी। जांच के दौरान पाया गया कि रेस्टोरेंट में बिना किसी वैध बार लाइसेंस के अवैध रूप से मदिरा परोसी जा रही थी। उस समय वहां एक मैरिज एनिवर्सरी पार्टी चल रही थी, जिसमें लगभग 40 मेहमान मौजूद थे। टेबलों पर व्हिस्की, बीयर और जिन-वोदका ग्लास में परोसी जा रही थी। जब टीम ने रेस्टोरेंट के मैनेजर से शराब परोसने का लाइसेंस मांगा तो वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
रेस्टोरेंट मालिक अंकित वर्मा द्वारा टीम को गुमराह करने का भी प्रयास किया गया और यह दावा किया गया कि उनके पास बार लाइसेंस मौजूद है, लेकिन जांच में यह दावा पूरी तरह से झूठा निकला। मौके से आबकारी विभाग की टीम ने दो सील बंद बोतल विदेशी मदिरा और ग्लासों में परोसी जा रही बीयर, व्हिस्की तथा जिन-वोदका बरामद की। बरामद शराब की कीमत करीब 10 हजार रुपये है। इसके बाद आबकारी अधिनियम के तहत रेस्टोरेंट मालिक अंकित वर्मा, मैनेजर मोहम्मद आदिल और स्टाफ के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई। मौके पर मौजूद स्टाफ सोनू पुत्र अब्दुर्रहमान निवासी जनपद गाजीपुर और आशु पुत्र विजय बहादुर पाण्डेय निवासी जनपद अंबेडकरनगर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को राजधानी में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि बिना लाइसेंस शराब परोसना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में रेस्टोरेंट, होटल, बार और निजी आयोजनों पर निगरानी और अधिक सख्त की जाएगी। आबकारी विभाग की इस सख्त कार्यशैली से यह साफ संकेत मिल रहा है कि अब राजधानी लखनऊ में नियमों को ताक पर रखकर शराब परोसने या अवैध शराब पार्टी आयोजित करने वालों की खैर नहीं है। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुशासित और कानूनसम्मत वातावरण बनाना है, जिसमें राजस्व की चोरी रुके और आम जनता को सुरक्षित व वैध व्यवस्था का लाभ मिल सके।

















