दीपावली पर अवैध शराब और नियम तोड़ने वाले विक्रेताओं पर आबकारी विभाग की तिरछी नजर

• आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के नेतृत्व में दीपावली पर्व पर जिले में चला विशेष प्रवर्तन अभियान- हर मार्ग और बाजार में निगरानी
• हिंडन खादर क्षेत्र में लाइसेंसी और अवैध दुकानों का निरीक्षण, शराब विक्रेताओं को दिए गए कड़े निर्देश
• ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और आबकारी निरीक्षक के सहयोग से सुनिश्चित किया गया कि अवैध शराब तस्करी पर रोक लगे और ग्राहकों को सुरक्षित वातावरण मिले

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दीपावली पर्व के मद्देनजर गाजियाबाद जिले में आबकारी विभाग ने जिले भर में अवैध शराब निर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। इस अभियान की कमान आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के हाथ में है, जिन्होंने अपने कार्यशैली और सक्रिय नेतृत्व के कारण जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने बताया कि जिले में बाहरी राज्यों से होने वाली शराब तस्करी को रोकने के लिए दिल्ली बॉर्डर से लेकर राजमार्ग और राष्ट्रीय मार्ग तक विभाग की टीम पहरा दे रही है। जिले की सीमाओं पर आने वाले प्रत्येक वाहन की सघन जांच की जा रही है। संजय कुमार प्रथम की कार्यशैली का प्रमुख पहलू यह है कि वे न केवल अवैध शराब पर निगरानी रखते हैं, बल्कि लाइसेंसी दुकानों के संचालन, दुकानदारों की कार्यप्रणाली और ग्राहकों के अनुभव की भी गहन समीक्षा करते हैं।

अभियान के दौरान शुक्रवार को आबकारी निरीक्षक अनुज वर्मा की टीम हिंडन खादर क्षेत्र में दबिश देने पहुंची। आबकारी निरीक्षक ने प्रत्येक लाइसेंसी दुकान का विस्तार से निरीक्षण किया। उनके निरीक्षण में दुकानों पर रखे स्टॉक रजिस्टर, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, शराब की बोतलों की जांच और दुकानों की सफाई शामिल थी। इसके अलावा, दुकानों पर मौजूद ग्राहकों से शराब विक्रेताओं के व्यवहार और उत्पादों की कीमतों की जानकारी भी ली गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (आईएएस) दीपक सिंघवाल ने भी निरीक्षण के दौरान अपनी भूमिका निभाई और कहा कि हमारा उद्देश्य केवल दुकानों का निरीक्षण करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि दुकानदार नियमों का पालन करें और ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें। आबकारी विभाग के साथ हमारा सहयोग इस दिशा में अहम साबित हो रहा है। आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने इस दौरान दुकानदारों को निर्देश दिए कि वे नियमों का पालन करें और शराब बिक्री में किसी प्रकार की अनियमितता न करें। उन्होंने कहा कि दीपावली जैसे पर्व पर अवैध शराब की बिक्री रोकना और साथ ही लाइसेंसी दुकानों में गुणवत्ता और नियमों का पालन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनके स्पष्ट दृष्टिकोण और सख्त नेतृत्व के कारण अभियान प्रभावी और व्यापक रूप से संचालित हो रहा है।

अनुज वर्मा ने कहा कि हमारे निरीक्षण में यह देखा गया कि कुछ दुकानों में मामूली कमी थी, लेकिन सभी को सही दिशा में निर्देश दिए गए। हम सुनिश्चित करेंगे कि सभी दुकानें नियमों के अनुसार संचालित हों और अवैध गतिविधियों पर नकेल कड़ी रहे। इस अभियान के दौरान विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रत्येक लाइसेंसी दुकानदार अपने स्टॉक का रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट करे, सीसीटीवी कैमरे कार्यशील हों, और ग्राहक की शिकायत या सुझाव को गंभीरता से लिया जाए। संजय कुमार प्रथम ने इस बात पर जोर दिया कि नियमों का पालन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा और विश्वास बनाए रखने का भी माध्यम है। जिले में आबकारी विभाग की इस कड़ी निगरानी के चलते अवैध शराब की तस्करी और बिक्री में कमी आई है। संजय कुमार प्रथम ने बताया कि इस अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रही है, ताकि विभाग की कार्यवाही का जायजा लिया जा सके और टीम का आत्मबल बढ़ाया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि संजय कुमार प्रथम की सक्रिय नेतृत्व शैली, टीम के साथ सामंजस्य और हर स्थिति में निगरानी रखने की प्रवृत्ति जिले में कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि दीपावली पर्व पर जिले के नागरिक सुरक्षित वातावरण में त्योहार का आनंद ले सकें। जिलावासियों के लिए यह अभियान सुरक्षा और गुणवत्ता की गारंटी है। संजय कुमार प्रथम ने अंत में अपील की कि नागरिक शराब संबंधित किसी भी अनियमितता या अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि अभियान और प्रभावी बनाया जा सके और समाज में शांति एवं सुरक्षा बनी रहे।