अवैध शराब माफियाओं पर आबकारी विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक, 50 हजार रुपये की हरियाणा शराब समेत तस्कर गिरफ्तार

-आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की रणनीति से तस्करों के उड़ रहे होश, गाड़ी की सीट के नीचे छिपा रखी थी अवैध शराब

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए आबकारी विभाग पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुका है। हरियाणा से लेकर नोएडा तक फैले शराब माफियाओं और स्थानीय तस्करों पर विभाग की कड़ी निगरानी ने उनका पूरा नेटवर्क हिला दिया है। रविवार रात आबकारी विभाग की टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हरियाणा से शराब की खेप लेकर आ रहे एक तस्कर को धर दबोचा। विभाग की सटीक रणनीति और तत्परता के चलते तस्कर का पूरा तंत्र ध्वस्त हो गया।
आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार देर रात रात्रि चेकिंग अभियान के दौरान थाना सेक्टर-24 क्षेत्र में कार्रवाई की। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कार में हरियाणा मार्का शराब नोएडा लाने की कोशिश की जा रही है। आबकारी निरीक्षक सचिन त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने पुलिस के साथ मिलकर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल सेक्टर-24 के सामने चेकिंग अभियान चलाया।

इसी दौरान एक बलेनो कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें पीछे की सीट के नीचे छिपाकर शराब के प्लास्टिक के कट्टे रखे गए थे। तलाशी के दौरान कार सवार प्रशांत पुत्र रामवीर निवासी हरियाणा के पास से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई। इसमें 5 बोतल रॉकफोर्ड रिजर्व, 9 बोतल ब्लैक एंड व्हाइट, 6 बोतल देवार्स विदेशी व्हिस्की (750 एमएल),
10 पौवा रॉकफोर्ड रिजर्व व्हिस्की (180 एमएल) शामिल थीं। बरामद शराब की कुल कीमत करीब 50 हजार रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह यह शराब नोएडा सेक्टर-22 में सप्लाई करने जा रहा था।

अवैध नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप
आबकारी विभाग की हालिया कार्यवाही से शराब तस्करी में शामिल नेटवर्क में दहशत का माहौल है। पिछले कुछ महीनों से विभाग लगातार गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर रहा है। चाहे लाइसेंसधारी दुकानों से चोरी-छिपे शराब निकालने वाले हों या बाहरी राज्यों से खेप लाने वाले गिरोह- सभी के खिलाफ विभाग सख्त रुख अपना चुका है। जिले में अलग-अलग टीमों को 24 घंटे की ड्यूटी पर लगाया गया है ताकि किसी भी समय तस्करी की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

सुबोध कुमार श्रीवास्तव की ‘सटीक रणनीति’ बनी गेमचेंजर
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम लगातार सफल अभियान चला रही है। उनकी योजना के अनुसार जिले में संवेदनशील इलाकों की मैपिंग, मुखबिर तंत्र का सशक्तीकरण और पुलिस के साथ समन्वित चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग का मकसद न सिर्फ अवैध शराब की आपूर्ति रोकना है, बल्कि इससे जुड़े पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। उन्होंने बताया कि जिले में कोई भी व्यक्ति अवैध शराब कारोबार में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमारी टीमें दिन-रात अभियान पर हैं और ऐसे अपराधियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

लाइसेंसधारी दुकानों पर भी कड़ी निगरानी, नहीं बचेगा कोई दोषी
विभाग अब लाइसेंसी शराब दुकानों पर भी गहरी नजर रख रहा है। अधिकारी ने बताया कि कई बार कुछ दुकानदार लाइसेंस का दुरुपयोग कर चोरी-छिपे शराब को अवैध तरीके से बेचते हैं। ऐसे मामलों में भी टीम सक्रिय है और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है। आबकारी विभाग का यह अभियान न केवल राजस्व संरक्षण के लिए बल्कि जनसुरक्षा की दृष्टि से भी अहम है। अवैध शराब से न सिर्फ सरकार को आर्थिक नुकसान होता है बल्कि इससे समाज में अपराध और विषैली शराब के खतरे भी बढ़ते हैं। विभाग की यह सख्त कार्रवाई प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें जनहित सर्वोपरि है।