गौतमबुद्ध नगर में शराब माफिया पर आबकारी विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक, अवैध कारोबारियों में भगदड़

-48 घंटे में ताबड़तोड़ कार्रवाई, चार तस्कर सलाखों के पीछे
-लाइसेंसी दुकान से शराब खरीद कर करते महंगे दामों में बिक्री
-रातभर गश्त, संयुक्त अभियान और सख्त निगरानी से नेटवर्क ध्वस्त

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त तस्करों की कमर तोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान ने अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में आबकारी विभाग लगातार सक्रिय कार्रवाई कर रहा है, जिससे बाहरी राज्यों से शराब तस्करी करने वाले गिरोहों से लेकर स्थानीय स्तर पर अवैध बिक्री करने वाले छोटे तस्करों तक पर सख्त शिकंजा कसा जा रहा है। अभियान के तहत जिले में लाइसेंसी दुकानों से शराब खरीदकर दूरदराज क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर बेचने वाले तस्करों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आबकारी विभाग की टीम ने पिछले दो दिनों में चार तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिससे अवैध शराब कारोबारियों में दहशत का माहौल है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह और थाना कासना पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश देकर तस्कर कृष्णा पुत्र तुलसीदास को गिरफ्तार किया।

उसके कब्जे से 45 पव्वा दोस्ताना देशी शराब (उत्तर प्रदेश मार्का, 200 एमएल) बरामद की गई, जिसे वह अवैध रूप से बेच रहा था। इसी क्रम में मंगलवार देर रात आबकारी निरीक्षक सचिन त्रिपाठी की टीम ने थाना सेक्टर-24 क्षेत्र में सेक्टर-34 मानस हॉस्पिटल सर्विस रोड के पास दबिश देकर ओमवीर सिंह पुत्र बृजपाल सिंह को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 104 पव्वा दोस्ताना देशी शराब (200 एमएल) बरामद हुई, जिसे अवैध बिक्री के लिए रखा गया था।
मंगलवार को ही आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह एवं थाना दनकौर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तस्कर बृजमोहन उर्फ खजान पुत्र विश्वास को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 60 पव्वा कैटरीना ब्रांड देशी शराब बरामद हुई। वहीं देर रात आबकारी निरीक्षक सचिन त्रिपाठी की टीम ने सेक्टर-24 क्षेत्र के सेक्टर-22 जी-ब्लॉक स्थित सार्वजनिक शौचालय के पास दबिश देकर पवन शर्मा पुत्र सुरेश शर्मा को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 106 पव्वा दोस्ताना देशी शराब बरामद की गई।

जांच में सामने आया कि पकड़े गए तस्कर जिले की लाइसेंसी शराब दुकानों से शराब खरीदकर दूर क्षेत्रों में अधिक कीमत पर बेचते थे। इस अवैध नेटवर्क से सरकार को राजस्व हानि होती है और अवैध बिक्री को बढ़ावा मिलता है। आबकारी विभाग की कार्यवाही केवल दुकानों के खुलने तक सीमित नहीं है। दुकानें बंद होने के बाद भी टीमें रात्रि गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती हैं। साथ ही लाइसेंसी दुकानों की भी निगरानी की जा रही है ताकि कोई विक्रेता लालच में आकर निर्धारित समय के बाद अवैध रूप से शराब की बिक्री न करे।

जिला आबकारी अधिकारी की कार्यशैली का प्रभाव यह है कि विभाग अब केवल छापेमारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खुफिया सूचना तंत्र, पुलिस के साथ संयुक्त अभियान, रात्रि निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार दबिश देकर अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने की दिशा में काम कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी अभियान और तेज किया जाएगा तथा अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की इस सख्ती से जनपद में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है और कानून व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।