- सतत संपदा प्राइवेट लिमिटेड निदेशक के फ्लैट से महंगी शराब की 46 बोतलें जब्त, तस्कर गिरफ्तार
- एयरपोर्ट से ड्यूटी फ्री महंगी शराब की करता था तस्करी, विदेशी यात्रा के नाम पर घर को बनाया हुआ अवैध शराब का अड्डा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में सोमवार रात प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई ने अवैध शराब तस्करी के एक मामले को उजागर कर दिया। सतत संपदा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हरजीत सिंह के इंदिरापुरम स्थित फ्लैट पर छापेमारी के दौरान टीम को महंगी शराब की 46 बोतलें और बीयर की एक कैन बरामद हुई। आबकारी विभाग की टीम ने मौके पर तुरंत कार्रवाई करते हुए हरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बरामद शराब कीमत करीब 60 हजार रुपये से अधिक की है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने विदेशी एनजीओ और प्रभावशाली समूहों से कथित फंड प्राप्ति की जांच के सिलसिले में रात को सतत संपदा प्राइवेट लिमिटेड के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान इंदिरापुरम स्थित ऑरेंज काउंटी के फ्लैट में दस्तावेजों के साथ शराब बरामद हुई। शराब की सूचना मिलते ही आबकारी निरीक्षक अखिलेश कुमार की टीम अलर्ट हो गई और मौके पर पहुंची। आबकारी विभाग की टीम ने तलाशी के दौरान पाया कि फ्लैट में रखी गई शराब में सिवास रीगत की 33 बोतल, द स्प्रिट ऑफ कश्मीर वोदका की एक बोतल, ग्लैन आरेन्जी की चार बोतल, मंकी सोल्जर की एक बोतल, हौली क्राफ्रेड जिन की दो बोतल, रॉयल रनथम्बोर की एक बोतल, ब्लैक लेबल की तीन बोतल, देवार्स की एक बोतल और आरेन्जी बूम बीयर की एक कैन शामिल थीं।
हरजीत सिंह ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि विदेश यात्रा के दौरान ड्यूटी फ्री होने की वजह से वह दिल्ली एयरपोर्ट से शराब खरीदकर अपने लिए संग्रहित करता था। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि बरामद शराब को वह उच्च दामों में बेचने की योजना भी बना रहा था। विदेश यात्रा से लौटने पर वह शराब की बोतलों को घर ले आता था और इन्हें छुपाकर रखता था। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम की सख्ती और टीम की सक्रियता के कारण जिले में अवैध शराब की तस्करी पर लगातार नियंत्रण रखा जा रहा है। आबकारी विभाग की टीमें बाहरी राज्यों से हो रही शराब तस्करी को रोकने के साथ ही जिले में चोरी छिपे शराब बेचने वाले तस्करों और बिना लाइसेंस के शराब पाटीज़् आयोजित करने वालों पर भी कड़ी कारज़्वाई कर रही हैं। इस कारज़्वाई से जिले में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने और अवैध शराब कारोबार को जड़ से समाप्त करने की दिशा में बड़ी पहल हुई है।
ईडी और आबकारी विभाग की टीम ने कहा कि शराब की तलाशी के दौरान मिले सभी दस्तावेज और शराब की बोतलों को कब्जे में ले लिया गया है। इसके साथ ही हरजीत सिंह के खिलाफ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में रिपोटज़् दजज़् कर उसे थाने ले जाया गया, जहां से आगे की कानूनी कारज़्वाई के लिए जेल भेजा गया। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने बताया कि इस तरह की संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जिले के सभी आबकारी निरीक्षक, टीम और पुलिस बल को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध शराब तस्करों की निगरानी करें और किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तुरंत कारज़्वाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि हर जिलेवासी को सुरक्षित और शराबमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।
इस कार्रवाई में आबकारी निरीक्षक अखिलेश कुमार और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि जिला में शराब की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और तस्करों को किसी भी स्थिति में नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी अवैध शराब बिक्री या तस्करी की जानकारी तुरंत आबकारी विभाग को दें, ताकि कार्रवाई की जा सके। आबकारी विभाग और ईडी की संयुक्त कार्यवाई से जिले में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी में कमी आएगी। पिछले कुछ महीनों में आबकारी विभाग ने लगातार अभियान चला रखा है और इससे जिले के लोगों में सुरक्षा और कानून के प्रति विश्वास बढ़ा है।
आबकारी अधिकारी ने कहा कि शराब की तस्करी और अवैध निर्माण को रोकने के लिए सभी टीमों को सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इसी का परिणाम है कि इंदिरापुरम के इस मामले में तस्कर को पकड़कर शराब बरामद की गई और उसे जेल भेजा गया। इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग और ईडी की संयुक्त टीम ने जिले में अवैध शराब तस्करी पर लगाम लगाने के प्रयास को और मजबूत किया। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इस तरह की कारज़्वाई लगातार जारी रहेगी और गाजियाबाद जिले को अवैध शराब मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
















