लाइसेंसी दुकानों से खरीदकर महंगे दामों में बेच रहे थे शराब, तस्कर टिंकू गिरफ्तार

-जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार की रणनीति से अवैध शराब नेटवर्क में मचा हड़कंप
-आबकारी-थाना 63/63 पुलिस की संयुक्त दबिश में 110 बोतल ‘दोस्ताना देशीÓ शराब बरामद, आरोपी जेल भेजा गया

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में अवैध शराब के खिलाफ जारी सख्त अभियान ने इस धंधे में लिप्त माफियाओं की रातों की नींद उड़ा दी है। नए वर्ष की शुरुआत से पहले ही आबकारी विभाग ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि जिले में बिना लाइसेंस और गैरकानूनी तरीके से शराब बेचने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में विभाग ने जिस तरह से निगरानी, खुफिया तंत्र और त्वरित कार्रवाई की रणनीति तैयार की है, उसने अवैध शराब की सप्लाई-चेन और चोरी-छिपे बिक्री करने वाले नेटवर्क पर करारी चोट की है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि अवैध शराब का कारोबार अब केवल बाहरी राज्यों से तस्करी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कुछ तस्कर जिले की लाइसेंसी दुकानों से ही शराब खरीदकर उसे ब्लैक-मार्केट में ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। यह तरीका न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान भी पहुंच रहा है। विभाग को लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि कुछ लोग वैध दुकानों से खरीदी शराब को अवैध तरीके से स्टॉक कर उसे गांव, कस्बों और सुनसान इलाकों में दोगुने-तिगुने दामों पर बेच रहे हैं।

आबकारी विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए अपने मुखबिर नेटवर्क को सक्रिय किया और निगरानी तेज कर दी। इसी क्रम में मंगलवार को आबकारी निरीक्षक अभिनव शाही और थाना 63 की संयुक्त पुलिस-आबकारी टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि एक व्यक्ति भारी मात्रा में उत्तर प्रदेश में बिक्री के लिए अनुमन्य देशी शराब को अवैध रूप से बेचने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल योजना बनाई और बताए गए स्थान पर दबिश दे दी। कार्रवाई इतनी सटीक और तेज थी कि आरोपी को भागने का कोई मौका नहीं मिला। मौके से तस्कर टिंकू पुत्र श्री लक्ष्मण सिंह, निवासी ग्राम कुचेला, थाना ढंढेरा, जनपद मैनपुरी को अवैध शराब बेचते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। टीम की तलाशी में उसके कब्जे से देशी शराब ‘दोस्ताना देशी’ ब्रांड (200 एम.एल.) की कुल 110 बोतलें बरामद की गईं, जो उत्तर प्रदेश राज्य में बिक्री के लिए अनुमन्य थीं, लेकिन इन्हें बिना अनुमति अवैध रूप से बेचा जा रहा था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी जिले की अलग-अलग लाइसेंसी दुकानों से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में शराब खरीदता था और फिर इसे अवैध रूप से स्टोर कर ऊंचे दामों में बेच देता था।

सूत्रों की मानें तो उसका नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और वह मांग के हिसाब से शराब उपलब्ध कराकर मोटा मुनाफा कमा रहा था। गिरफ्तारी के बाद आबकारी विभाग ने आरोपी को थाना 63 पुलिस के साथ हिरासत में लेकर विधिक प्रक्रिया पूरी की और आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विभाग अब इस मामले की तह तक जांच कर रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं, कितने समय से यह धंधा चल रहा था और किन-किन क्षेत्रों में शराब की अवैध बिक्री की जा रही थी।

जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने कहा कि अवैध शराब का कारोबार करने वालों पर निगाह रखने के लिए विशेष टीमों को लगातार सक्रिय रखा गया है। सार्वजनिक स्थानों, गांवों, बाजारों और हाईवे किनारे बिना लाइसेंस शराब बेचने वालों पर विभाग लगातार सख्ती बरत रहा है। उन्होंने साफ कहा कि लाइसेंसी दुकानों से शराब खरीदकर उसे अवैध रूप से महंगे दामों पर बेचने वालों को भी अब तस्कर की श्रेणी में ही माना जाएगा और उनके खिलाफ वही सख्त कार्रवाई होगी जो बाहरी शराब की तस्करी करने वालों पर होती है। आबकारी निरीक्षक अभिनव शाही ने बताया कि मुखबिर तंत्र से मिली सूचना के आधार पर यह गिरफ्तारी की गई है, जो विभाग की सतत निगरानी की सफलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और अवैध शराब के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए विभाग हर संभव कदम उठा रहा है। थाना 63 पुलिस ने भी आबकारी विभाग के साथ मिलकर कार्रवाई को अंजाम देते हुए इसे कानून व्यवस्था और सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया।

जिले में यह अभियान लगातार और व्यापक रूप ले रहा है। आबकारी विभाग का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध शराब के खिलाफ माहौल मजबूत होगा और लोग भी बिना अनुमति के भूखंडों की तरह अवैध शराब के कारोबार से दूरी बनाएंगे। विभाग की अपील है कि लोग केवल अधिकृत दुकानों से ही शराब खरीदें और किसी भी तरह की संदिग्ध या अवैध बिक्री की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि गौतमबुद्ध नगर में अवैध शराब के कारोबार के लिए अब कोई सुरक्षित समय या स्थान नहीं बचा है-न रात का अंधेरा, न कोई नेटवर्क, न कोई तरीका। कानून की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है और आबकारी विभाग की रणनीति तस्करों पर भारी पड़ रही है।