-करुणेन्द्र सिंह की टीम ने चाय की दुकान की आड़ में चल रहे अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया
-गिरफ्तार आरोपियों में तीन भाई शामिल, 12 पेटी देशी शराब और 52 टेट्रा पैक जब्त
-ड्राई डे के अवसर पर तस्करों की योजनाओं को प्रशासन ने किया असफल
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। गांधी जयंती के पवित्र अवसर पर भी कुछ तस्कर और माफिया समाज के नियमों को ताक पर रख कर अवैध धंधा चलाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह की सतर्कता और उनकी टीम की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कानून के सामने कोई भी चालाकी काम नहीं आती। मुखबिर मिली सूचना के आधार पर मवैया क्रॉसिंग पर चाय की दुकान की आड़ में चल रहे गोरखधंधे पर दबिश दी गई और चार आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर भारी मात्रा में देशी शराब और पैक बरामद कर ली गई।
दबिश के दौरान मौके पर आबकारी निरीक्षक प्रदीप कुमार शुक्ला, कौशलेन्द्र रावत व विजय राठी की संयुक्त टीम मौजूद रही, जिनके सहयोग व कुशल समन्वय से कार्रवाई संपन्न हुई। गिरफ्तार चारों आरोपियों में तीन भाई भी शामिल हैं, जो उसी चाय की दुकान के माध्यम से ग्राहक जुटाकर शराब की तस्करी कर रहे थे। घटना स्थल पर जब्त माल में 12 पेटी देशी शराब (विंडीज ब्रांड) और 52 टेट्रा पैक पाउच शामिल थे, जिनकी बाजार अनुमानित कीमत लगभग साठ हजार रुपये आंकी जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह माल जिले की लाइसेंसी दुकानों से एक दिन पहले खरीदा गया था ताकि ड्राई डे पर ऊँचे दाम पर बेचा जा सके।
कार्रवाई के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में करुणेन्द्र सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका लक्ष्य जिले में अवैध शराब के कारोबार का पूर्ण उन्मूलन है। उन्होंने कहा कि ड्राई डे ऐसे अवसर होते हैं जिन पर तस्कर पहले से स्टॉकिंग कर लेते हैं और गाहकों को उच्च दाम पर बेचते हैं। यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि मिलावटी शराब से लोगों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है। हमारी टीम चौबीसों घंटे अलर्ट रहती है और ऐसे हर प्रयास को बेअसर किया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस छापेमारी से माफियाओं को एक कड़ा संदेश गया है कि लखनऊ में अवैध शराब कारोबारियों की कोई जगह नहीं रहेगी। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया और प्रशासन की सक्रियता की प्रशंसा की। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि ड्राई डे के दौरान भी कई बार गलत लोगों के हाथों में पैसा चला जाता है और इससे न केवल परिवारिक कलह बढ़ता है बल्कि सामाजिक स्वास्थ्य पर भी भयानक असर पड़ता है।
बरामद माल और गिरफ्तार आरोपियों के संबंध में आबकारी विभाग ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ स्नढ्ढक्र दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। विभाग ने संकेत दिया है कि यह अकेली कार्रवाई नहीं है और आने वाले दिनों में भी ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखी जाएगी। विशेष रूप से यह उल्लेखनीय है कि कार्रवाई सूचना मिलने के तुरन्त बाद की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जन-संवाद और त्वरित सूचनाओं के जरिए प्रशासन किस तरह प्रभावी कदम उठा पा रहा है। आबकारी विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध शराब के किसी भी सौदे, खरीद या बिक्री की जानकारी तुरंत विभाग को दें ताकि आगे भी समय रहते ऐसे गिरोहों को बेनकाब किया जा सके। करुणेन्द्र सिंह ने कहा कि सि$र्फ सख्ती ही काफी नहीं होगी; समाज का सहयोग और जागरूकता भी आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग न केवल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करेगा, बल्कि लाइसेंसी दुकानों की आपूर्ति और रिकॉर्ड की भी कड़ी पड़ताल करेगा ताकि किसी प्रकार की हेराफेरी रहे न।
मूल तथ्य यह है कि अवैध शराब का कारोबार केवल आर्थिक अपराध नहीं रह गया है; यह समाज के लिए जानलेवा संकट बन चुका है। मिलावटी शराब से होने वाली घटनाओं ने कई स्थानों पर परिवारों को नष्ट कर दिया है। इसलिए आबकारी विभाग का रुख न केवल कानून लागू करने का प्रतीक है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा की दिशा में भी एक निर्णायक कदम है। स्थानीय प्रशासन ने सहपाठियों व स्वास्थ्य कर्मियों को भी जगाने का निर्णय लिया है ताकि शराब से जुड़ी आपात स्थितियों में त्वरित इलाज और बचाव संभव हो सके।
इस मामले में आगे की जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या यह केवल एक स्थानीय स्टैंडअलोन गिरोह की साजिश थी या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा। विभाग ने आश्वासन दिया है कि मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए समुचित पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनकी संपत्तियों व वित्तीय लेन-देन का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है ताकि संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों के स्रोतों का भी पता लगाया जा सके।
अंत में यह कहा जा सकता है कि करुणेन्द्र सिंह और उनकी टीम की इस त्वरित और निर्णायक कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि जब प्रशासन सतर्कता और जनभागीदारी के साथ काम करता है तो अवैध तस्करों के लिए कोई भी ‘ड्राई डे’ सुरक्षित नहीं रह जाता। प्रशासन ने समाज के हर तबके से अपील की है कि वे इस मुहिम में साथ आएं, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें और मिलकर यह सुनिश्चित करें कि हमारे त्योहार और सार्वजनिक अवसर अपराधियों के शिकार न बनें। कानून और समाज के संयुक्त संघर्ष से ही अवैध शराब और उससे जुड़ी आपराधिक प्रवृत्तियों को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
















