अवैध शराब तस्करी पर आबकारी विभाग ने कसा शिकंजा, ओवर रेटिंग करने वालों को भी चेतावनी

-जारचा अंडरपास से तस्कर रविन्द्र 33 टेट्रा पैक देशी शराब के साथ गिरफ्तार, लाइसेंसी दुकानों पर गुप्त जांच से मचा हड़कंप

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में अवैध शराब के विरुद्ध चल रहे आबकारी विभाग के अभियान ने अब निर्णायक रफ्तार पकड़ ली है। आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में संचालित इस सघन अभियान ने जिले में सक्रिय शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है। विशेष रणनीति के तहत दादरी समेत विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में तस्करों के खिलाफ सिलसिलेवार छापेमारी की जा रही है, वहीं लाइसेंसी शराब दुकानों की भी बारीकी से निगरानी की जा रही है। टीमों द्वारा न केवल दुकानों का भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है, बल्कि गुप्त खरीदार बनाकर ‘टेस्ट परचेजिंग’ के माध्यम से दुकानदारों की वास्तविकता और व्यवहार की भी जांच की जा रही है। इस बहुआयामी अभियान ने उन दुकानदारों और तस्करों में हड़कंप मचा दिया है जो लंबे समय से अवैध लाभ कमा रहे थे।

विभाग की सक्रियता और तकनीकी निगरानी ने जिले में शराब के व्यापार को पारदर्शिता की ओर मजबूर कर दिया है। मंगलवार की देर रात आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय व थाना दादरी पुलिस की संयुक्त टीम ने एक तस्कर को जारचा अंडरपास से धर दबोचा। आरोपी रविन्द्र पुत्र बालकिशन, निवासी जलपुरा इकोटेक-3, 33 टेट्रा पैक ट्विन टावर देशी शराब के साथ पकड़ा गया। जांच में खुलासा हुआ कि रविन्द्र क्षेत्र की लाइसेंसी दुकानों से शराब खरीदकर उसे अवैध रूप से अधिक दाम पर बेचता था। यह गिरोह न सिर्फ कानून तोड़ रहा था, बल्कि उपभोक्ताओं को ठगकर मुनाफाखोरी में लिप्त था।

ओवर रेटिंग करने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई की जाए और दुकानों पर सौम्य व्यवहार अनिवार्य किया जाए। गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग की यह मुहिम अब एक मॉडल ड्राइव बनती जा रही है, जिसकी सराहना न केवल स्थानीय जनता कर रही है, बल्कि अन्य जिलों के विभाग भी इसे रोल मॉडल की तरह देख रहे हैं। प्रशासन की प्रतिबद्धता और सख्ती ने यह साफ कर दिया है कि अब न तस्कर बख्शे जाएंगे और न भ्रष्ट दुकानदार।

लाइसेंसी दुकानों पर चला औचक निरीक्षण अभियान, स्कैनिंग से लेकर सीसीटीवी तक खंगाले गए
• सीसीटीवी फुटेज,
• स्टॉक बही,
• क्यूआर कोड स्कैनिंग
• दामों की सूची

टेस्ट परचेजिंग से उजागर हुई दुकानों की हकीकत, मुखबिर तंत्र भी एक्टिव
शराब बिक्री में नियमों के उल्लंघन की पहचान के लिए विभाग ने गुप्त टेस्ट परचेजिंग कराई। इसमें टीम के ही सदस्य ग्राहक बनकर शराब खरीदने पहुंचे और वहां के व्यवहार, मूल्य, स्टॉक और शुद्धता की जानकारी जुटाई। इसके अलावा मुखबिरों के जरिये भी संदिग्ध दुकानों और तस्करों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

‘जनपद में अवैध शराब बर्दाश्त नहीं’
आबकारी विभाग के मुखिया सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारी प्राथमिकता साफ है गौतमबुद्ध नगर को अवैध शराब और ओवर रेटिंग से मुक्त कराना। जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत हर आरोपी को जेल भेजा जाएगा। जागरूकता और कड़ी कार्रवाई दोनों साथ चलेंगी।
उन्होंने कहा कि जिले में शराब पीने वालों की सेहत और जेब की सुरक्षा के लिए यह मुहिम लगातार तेज की जा रही है। विभाग आम नागरिकों से भी अपील कर रहा है कि वे अवैध शराब या ओवर रेटिंग की किसी भी सूचना को गोपनीय तरीके से विभाग तक पहुंचाएं।

वृहद योजना के तहत पूरे जिले में चल रहा है विशेष ऑपरेशन
• अवैध शराब तस्करों की धरपकड़
• लाइसेंसी दुकानों पर निगरानी
• गुप्त ग्राहक के ज़रिए जांच
• सीसीटीवी से निगरानी
• शराब की बोतलों की ट्रैकिंग
• ओवर रेटिंग पर रोक
• जागरूकता अभियान और जनसहभागिता