सिंघु बॉर्डर पर समर्थन देने पहुंचे टीएमसी सांसद
नई दिल्ली। आंदोलनरत किसानों और केंद्र सरकार के बीच अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है। नतीजन किसान आंदोलन 28वें दिन भी जारी है। इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने 5 सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी सरकार से मिले प्रस्ताव पर मंथन करेगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि सरकार के साथ वार्ता की जाए अथवा नहीं। उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आदेश पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कुछ सांसदों ने सिंघु बॉर्डर पर जाकर किसानों से मुलाकात की। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा गठित कमेटी में प्रेम सिंह भंगू, हरेंद्र सिंह लक्खोवाल और कुलदीप सिंह आदि शामिल हैं। किसान नेताओं की यह कमेटी तय करेगी की सरकार से बातचीत का जो प्रस्ताव मिला है, उस पर वार्ता हो या नहीं। यदि वार्ता की जाए तो उसकी रूपरेखा क्या हो। यह 5 सदस्यीय कमेटी सरकार के प्रपोजल पर ड्राफ्ट तैयार करेगी। इसके बाद ड्राफ्ट के संबंध में 40 किसान नेताओं की बैठक होगी। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी रॉय, प्रसून बनर्जी, प्रतिमा मंडल और मोहम्मद नदीमुल हक ने सिंघु बॉर्डर पर जाकर धरनारत किसानों से मुलाकात की। तृणमूल सांसदों का कहना है कि सीएम ममता बनर्जी के आदेश पर वह किसानों के समर्थन में आए हैं। किसान आंदोलन पिछले 28 दिन से निरंतर जारी है। किसानों का साफ कहना है कि कृषि कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा। जबकि सरकार का कहना है कि वह कृषि कानूनों में संशोधन करने को तैयार है, मगर कानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा। सरकार का दावा है कि नए कृषि सुधार कानून किसानों के हित में हैं। कुछ राजनीतिक दल उन्हें गुमराह कर रहे हैं। अलबत्ता किसानों और सरकार के बीच तनातनी के चलते यह विवाद सुलझ नहीं पाया है। दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर पर किसान धरना देकर बैठे हैं।
















