दीपावली के दौरान फायर सर्विस ने दिखाई त्वरित कार्रवाई और साहस, 48 आग की घटनाओं में कोई जनहानि नहीं

  • शहर भर में सतर्क फायर ब्रिगेड, हॉटस्पॉट रणनीति से कम समय में नियंत्रण
  • मकान, दुकान, फैक्ट्री और कूड़ा-कबाड़ में आग पर किया काबू
  • मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने फायर कर्मियों की सराहना की
  • नागरिकों का भरोसा बढ़ा, सुरक्षा संदेश और जागरूकता पर जोर
  • त्योहारों के दौरान सुरक्षा और सतर्कता का महत्व

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दीपावली के पावन अवसर पर पूरे गाजियाबाद शहर में दीयों और रोशनी की चमक देखते ही बन रही थी। वहीं, गाजि़याबाद फायर सर्विस विभाग ने इस त्योहार को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ कार्य किया। 20 अक्टूबर की सुबह 6 बजे से लेकर 21 अक्टूबर की सुबह 6 बजे तक विभाग को कुल 48 फायर कॉल्स प्राप्त हुईं। हर कॉल पर त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों के कारण किसी भी घटना में जनहानि नहीं हुई। फायर विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इन 48 कॉल्स में से 14 कॉल्स मकानों और फ्लैटों में आग लगने की, 7 दुकानों/शोरूम से, 5 फैक्ट्री/गोदाम से, 3 वाहनों में आग, 15 कूड़ा-कबाड़ में, 2 ट्रांसफॉर्मर/मीटर/वॉटर कूलर से, और 2 अन्य कॉल्स थीं। फायर सर्विस की टीमों ने सभी घटनास्थलों पर अल्प समय में पहुँचकर आग पर नियंत्रण पाया। विभाग की तत्परता और सामूहिक समन्वय ने न केवल आग को फैलने से रोका, बल्कि आसपास के भवनों और लोगों की जान-माल को सुरक्षित रखा। गाजि़याबाद में कुल 14 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए थे, जहां फायर ब्रिगेड की गाडिय़ाँ पहले से तैनात थीं। इस रणनीति के कारण रिस्पॉन्स टाइम में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।

मुख्य घटनाओं में मोहन नगर स्थित अजंता कंपाउंड, साहिबाबाद की एक फैक्ट्री, नंदग्राम के पन्नी गोदाम, और संजय नगर में दुकानों के बाहर खड़ी लगभग छह बाइक/स्कूटी शामिल हैं। इन घटनाओं में फायर सर्विस टीम ने आग पर नियंत्रण पाकर बड़े नुकसान को टाला। गाजियाबाद फायर सर्विस की तत्परता ने यह साबित कर दिया कि जब पूरा शहर उत्सव में डूबा होता है, तब भी फायर सर्विस का हर सिपाही नागरिक की सुरक्षा में चौकस प्रहरी बनकर तैयार रहती है। उनकी यह सतर्कता और साहस न केवल आग को फैलने से रोकती है, बल्कि शहरवासियों में सुरक्षा और भरोसे का माहौल भी कायम करती है। इस दिवाली, गाजियाबाद फायर सर्विस की मेहनत और तत्परता ने यह संदेश दिया कि सुरक्षा और जिम्मेदारी हर नागरिक का साझा कर्तव्य है, और आपसी सहयोग से ही शहर सुरक्षित और सुंदर बन सकता है।

नागरिकों का विश्वास और सुरक्षा की भावना
स्थानीय निवासियों ने फायर सर्विस की तेज़ प्रतिक्रिया और जोखिम उठाने वाले साहसिक प्रयासों की जमकर सराहना की। दीपावली के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि न केवल प्रशासन, बल्कि नागरिकों की सतर्कता और सहयोग भी किसी आपदा को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। कई लोगों ने बताया कि हॉटस्पॉट रणनीति और फायर ब्रिगेड की तैनाती ने उन्हें शहर में सुरक्षा का भरोसा दिलाया। मोहन नगर और नंदग्राम के निवासी विशेष रूप से संतुष्ट हैं कि बड़े हादसे को रोकने में टीम ने समय पर प्रतिक्रिया की।

तैयारी और सामूहिक समन्वय का महत्व
फायर सर्विस विभाग ने दीपावली के लिए पूर्व योजना और हॉटस्पॉट रणनीति बनाई थी। इससे रिस्पॉन्स टाइम कम हुआ और घटनास्थल पर पहुंचते ही आग पर नियंत्रण पाया गया। विभाग ने सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का बड़ा नुकसान न हो। राहुल पाल ने बताया कि फायर कर्मियों ने रात-दिन लगातार अपनी चौकसी बनाए रखी। प्रत्येक स्टेशन पर पर्याप्त जल और उपकरण उपलब्ध थे। उन्होंने कहा कि यह तैयारी भविष्य में भी त्योहारों और संवेदनशील अवसरों पर उपयोगी साबित होगी।

जागरूकता संदेश
फायर विभाग ने यह भी कहा कि दीपावली पर होने वाले हादसों से बचने के लिए नागरिकों को सावधान रहना और सुरक्षा नियमों का पालन करना आवश्यक है। विभाग ने सभी से अपील की कि वे सुरक्षित स्थान पर पटाखे जलाए, बिजली उपकरणों का सही उपयोग करें और आग लगने की स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त करें। त्योहार केवल आनंद और रोशनी का पर्व नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा और सतर्कता का भी पर्व हैं। सतर्कता और सहयोग से हम किसी भी आपदा को नियंत्रित कर सकते हैं।

राहुल पाल
मुख्य अग्निशमन अधिकारी

दीपावली के दौरान सभी फायर स्टेशन हाई अलर्ट मोड पर तैनात थे। सुरक्षा हमारी प्राथमिकता रही और टीम ने तत्परता से कार्य कर एक भी जनहानि नहीं होने दी। हमारे फायर कर्मियों ने साहस, अनुशासन और त्वरित प्रतिक्रिया का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। दीपावली जैसे त्योहारों पर हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। नागरिकों से अपील है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फायर सर्विस को सूचित करें।
राहुल पाल
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ)