पौराणिक नगरी हस्तिनापुर में महाभारत काल से ही मछुआ समाज का रहा है अहम योगदान: डा. संजय कुमार निषाद

-निषाद पार्टी की संवैधानिक अधिकार यात्रा मेरठ पहुंचने पर सैनी से लेकर हस्तिनापुर तक भव्य स्वागत

उदय भूमि
मेरठ। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल ‘निषाद पार्टी’ की संवैधानिक अधिकार यात्रा का शनिवार को मेरठ में भव्य स्वागत किया गया। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेंट मंत्री डा. संजय कुमार निषाद ने मां शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ सहारनपुर से संवैधानिक अधिकार यात्रा की शुरूआत की है। जनपद सोनभद्र तक 200 विधानसभा का स$फर तय करेगी और यात्रा का समापन नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में किया जाएगा। मेरठ जनपद में पहुंचने पर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। कैबिनेंट मंत्री डा. संजय कुमार निषाद ने कहा हस्तिनापुर आकर हमेशा गर्व महसूस होता है, हस्तिनापुर की धरती से महारानी सत्यवती ने महाभारत काल में निषाद समाज को पहचान दिलाने का काम किया था।

आज मछुआ समाज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। त्रेता में श्रृंगवेरपुर के महाराजा गुह्यराज निषाद जी ने भगवान राम को सबसे पहले किसी ने भगवान के रूप में देखा था और उनको अपने राज्य में रुकने के लिए आश्रय दिया था साथ ही नत्था लाल केवट जी ने प्रभू श्री राम जी को गंगा पार करवाई थी। द्वापर युग में महाभारत काल में भी निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। पूर्व की सरकारों ने निषाद समाज के सामाजिक दोहन को लेकर मछुआ समाज के गौरवशाली इतिहास को उजाडऩे का काम किया है। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी बनाने का संकल्प उन्होंने श्रृंगवेरपुर धाम पर लिया था और निषाद समाज के गौरवशाली इतिहास को पुन: जीवित करने को लेकर उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से लगातार माँग करते रहे थे। जल्द ही वो दिन आने वाला है जब देश के यशस्वी प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्रृंगवेरपुर धाम को तीर्थक्षेत्र घोषित करने वाले है, श्रृंगवेरपुर में महाराजा गुह्यराज निषाद जी और प्रभु श्री राम जी की 56 फीट की प्रतिमा बनकर तैयार हो गई है। महाराज गुह्य राज निषाद जी का ऑडिटोरियम बनाया जा रहा है, निषादराज पार्क बनकर लगभग तैयार हो गया है।

अयोध्या से चित्रकूट तक बनाए जा रहे राम वन गमन पथ के दो चरणों का भी लोकार्पण करेंगे, पथ भी श्रृंगवेरपुर से होकर ही निकलेगा, जिस पर लगभग 4200 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, यहां 1100 करोड़ रुपये में प्रदेश सरकार द्वारा गंगा पर पुल भी बनाया जा रहा है। श्रृंगवेरपुर को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने जा रही है, जिससे की निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास विश्वपटल पर प्रदर्शित होगा, उन्होंने कहा की मा0 प्रधानमंत्री और यशस्वी मुख्यमंत्री जी से वो जल्द मुला$कात कर महाभारत$कालीन नगरी हस्तिनापुर के इतिहास को भी श्रृंगवेरपुर धाम की तर्ज पर विकसित करने की माँग करेंगे। केंद्र व राज्य सरकार मछुआ समाज के हित में लगातार कदम उठा रही है और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि मछुआ समाज के इतिहास को पुन:जीवित करने में श्रृंगवेरपुर धाम की तरह ही ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर पूरन कश्यप, डॉ अमित निषाद, जगरोशन कश्यप, व्यास मुनि निषाद, अरविंद निषाद, अरुणा कश्यप, पप्पू कश्यप, मुकेश कश्यप, बाबू राम कश्यप, हरिओम कश्यप, बालेंद्र कश्यप, जनकन्दनी निषाद, गुंजा निषाद एवं अन्य गणमान्य मौजूद रहे।