-जीएसटी, दुर्घटना बीमा, सर्वे-छापे और व्यापारियों के शोषण पर बनेगी नई रणनीति
-मिलन बैंक्वेट हॉल में प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल करेंगे अध्यक्षता, प्रेस वार्ता में संगठन ने दिए बड़े संकेत
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नवयुग मार्केट स्थित प्रतिष्ठित उडुपी रेस्टोरेंट में मंगलवार को जिला एवं महानगर उद्योग व्यापार मंडल द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें व्यापारिक हितों से जुड़े बड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई और आगामी प्रांतीय कार्यकारिणी सभा को लेकर संगठन ने कई अहम जानकारियां साझा कीं। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष रामकिशोर अग्रवाल, जिला वरिष्ठ महामंत्री पंकज गर्ग और जिला महामंत्री राजदेव त्यागी ने बताया कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की प्रांतीय कार्यकारिणी सभा का आयोजन 9 जनवरी 2026 को कविनगर स्थित मिलन बैंक्व्वेट हॉल में किया जाएगा। इस सभा की अध्यक्षता संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल (पूर्व राज्यसभा सांसद) करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि यह पहली बार होगा जब प्रदेश की कार्यकारिणी सभा में 73 जिलों के अध्यक्ष और महामंत्री एक साथ मंच साझा करेंगे। संगठन के अनुसार, यह व्यापारिक एकता और शक्ति प्रदर्शन का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन साबित होने जा रहा है।
जिला अध्यक्ष रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में व्यापारिक संगठनों की कई बैठकें होती रही हैं, लेकिन इतने बड़े स्तर पर प्रांतीय कार्यकारिणी का जुटान अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर से आने वाले जिलाध्यक्षों और महामंत्रियों की उपस्थिति यह संदेश देगी कि उत्तर प्रदेश का व्यापारी अब संगठित, सजग और अधिकारों के लिए मुखर है। अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि यह सभा केवल संगठन की औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि नीतिगत मंथन, रणनीतिक निर्णय और व्यापारियों की सुरक्षा-सम्मान सुनिश्चित करने का मंच होगी। प्रेस वार्ता में बताया गया कि बैठक में जीएसटी से संबंधित जटिलताओं, पंजीकृत व्यापारियों के लिए दुर्घटना बीमा योजना, सर्वे-छापों की कार्यप्रणाली, व्यापारियों के साथ हो रहे कथित शोषण, छापेमारी के नाम पर दबाव बनाने की घटनाओं, अनुचित उत्पीडऩ, और सराय एक्ट जैसे कानूनी विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।
संगठन का मानना है कि वर्तमान समय में व्यापारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जीएसटी अनुपालन की अस्पष्टता, अधिकारियों द्वारा सर्वे-छापों के दौरान मानवीय संवेदनाओं का अभाव, और व्यापारियों में असुरक्षा की भावना है। इस सभा में इन्हीं मुद्दों पर ठोस प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे, जिन्हें प्रांतीय कार्यकारिणी से पास कराकर सरकार और संबंधित विभागों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा। महानगर अध्यक्ष गोपीचंद प्रधान और महानगर महामंत्री अशोक चावला ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जीएसटी के सभी स्थानीय और प्रांतीय मुद्दों पर एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे 9 जनवरी की सभा में पेश किया जाएगा।
चावला ने कहा कि जीएसटी सर्वे-छापों के नाम पर व्यापारियों में भय का माहौल नहीं, बल्कि सहयोग और पारदर्शिता की नीति लागू होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी जांच नियमानुसार हो, लेकिन सम्मानजनक तरीके से की जाए और छापे के दौरान व्यापारिक प्रतिष्ठान को अपराधी की तरह ट्रीट न किया जाए। महानगर अध्यक्ष गोपीचंद प्रधान ने कहा कि इस सभा में पास होने वाले प्रस्ताव भविष्य में जीएसटी विभाग के साथ संवाद का आधार बनेंगे, ताकि समस्याओं का समाधान संघर्ष से पहले संवाद से हो सके। दुर्घटना बीमा योजना पर संगठन ने विशेष बल दिया और बताया कि पंजीकृत व्यापारियों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में एक मजबूत बीमा मॉडल तैयार करने पर भी मंथन होगा, जिससे किसी अप्रिय घटना के समय व्यापारी परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता और सामाजिक सुरक्षा मिल सके। संगठन ने बताया कि यह पहल व्यापारी समाज के लिए संजीवनी की तरह होगी, खासकर उन छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए जो रोज़गार के साथ-साथ कई जोखिमों का सामना करते हैं। सभा में सर्वे-छापों पर भी गहन समीक्षा होगी। जिला वरिष्ठ महामंत्री पंकज गर्ग ने कहा कि सर्वे और छापे टैक्स सिस्टम का हिस्सा हैं, लेकिन इन्हें व्यापारियों के शोषण का माध्यम नहीं बनने दिया जा सकता।
उन्होंने संकेत दिए कि संगठन इस विषय पर फील्ड सर्वे रिपोर्ट और व्यापारियों से मिले फीडबैक के आधार पर एक विस्तृत नीति ड्राफ्ट तैयार कर रहा है, जिसे सभा में पेश कर सर्वसम्मति से पास कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के शोषण की शिकायतों को अब प्रमाण आधारित तरीके से शासन तक पहुंचाया जाएगा, ताकि समाधान टिकाऊ और न्यायसंगत हो। प्रेस वार्ता में उपस्थित विधानसभा अध्यक्ष सुनील गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजमोहन सिंघल, जेपी कश्यप, संदीप गर्ग, संजिव मित्तल, नरेश अग्रवाल, राकेश बवेजा, अनुराग गर्ग, राकेश गुप्ता, राकेश कौशिक, नितिन वर्मा, अजय बंसल, पवन शर्मा, हितेंद्र शर्मा, वसीम अली, वसीम अली, हरीश शर्मा, मोहित शास्त्री, जयदीप गुप्ता, विकास अग्रवाल, राकेश कौशिक, युवा व्यापार मंडल के चेयरमैन मनोज गर्ग, अध्यक्ष विपिन गोयल, महामंत्री पंकज गुप्ता, पंकज गुप्ता, युवा संगठन महामंत्री पंकज गुप्ता, हितेंद्र शर्मा, हरीश शर्मा, वसीम अली, संजीव गुप्ता, मोहित शास्त्री, जयदीप गुप्ता सहित सैकड़ों पदाधिकारी मौजूद रहे।
संगठन ने दावा किया कि यह सभा प्रदेश के व्यापारिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि पहली बार 73 जिलों का नेतृत्व एक साथ, एक एजेंडे पर, एक आवाज़ में निर्णय लेगा। सभा की तैयारियों पर संगठन ने कहा कि गाजियाबाद में स्वागत, लॉजिस्टिक्स और समन्वय के लिए जिला और महानगर स्तर पर अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो प्रदेशभर से आने वाले प्रतिनिधियों के लिए समयबद्ध व्यवस्था, रिसेप्शन, डाटा रिकॉर्डिंग, मीडिया को-ऑर्डिनेशन और प्रस्ताव ड्राफ्टिंग का कार्य संभाल रही हैं।
प्रेस वार्ता के अंत में महानगर महामंत्री अशोक चावला ने कहा कि यह सभा व्यापारिक संघर्ष का नहीं, बल्कि समाधान का रोडमैप तैयार करेगी। वहीं जिला महामंत्री राजदेव त्यागी ने कहा कि सरकार और विभागों से टकराव संगठन का लक्ष्य नहीं, लेकिन व्यापारिक सम्मान, सुरक्षा और न्याय पर कोई समझौता नहीं होगा। संगठन के नेताओं ने अंत में कहा कि 9 जनवरी 2026 की यह सभा केवल बैठक नहीं, बल्कि व्यापारी समाज के लिए नई दिशा तय करने वाला सम्मेलन होगा, जिसमें जीएसटी सुधार, व्यापारी बीमा सुरक्षा, सर्वे-छापों की मर्यादा और शोषण मुक्त व्यापारिक वातावरण के लिए ठोस, प्रमाण आधारित और सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। नगर के व्यापारियों ने इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर उत्साह जताया है और कहा कि गाजियाबाद में हो रहा यह सम्मेलन पूरे प्रदेश में व्यापारियों के लिए नई उम्मीद जगाएगा।
















