दिल्ली में अयोध्या का परचम, एनवायरोजोन को मिला राष्ट्रीय सम्मान

-केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया पुरस्कृत, छोटे गाँव से राष्ट्रीय पहचान तक की प्रेरक यात्रा
-संस्थापक धर्मेंद्र वर्मा और इंजीनियर बेटी अनुष्का की मेहनत ने रचा इतिहास

उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट और नवाचार आधारित कार्य के लिए एनवायरोज़ोन प्राइवेट लिमिटेड को दिल्ली में मंगलवार को आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के कर-कमलों द्वारा सीएसआईआर-एनपीएल के 80वें स्थापना दिवस समारोह में प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के साथ ही अयोध्या जनपद का नाम एक बार फिर देशभर में गर्व के साथ गूंजा। समारोह में वैज्ञानिकों, पर्यावरण विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और देशभर से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी में यह सम्मान प्रदान किया गया, जिसने अयोध्या की धरती को राष्ट्रीय मंच पर विशेष पहचान दिलाई। संस्था के संस्थापक धर्मेंद्र वर्मा ने अयोध्या के एक छोटे से गाँव से निकलकर अथक परिश्रम, ईमानदारी, दूरदर्शी सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए काम शुरू किया था।

एक साधारण किसान और शिक्षित परिवार से आने वाले श्री वर्मा ने बेहद सीमित संसाधनों के बीच अपना सफर शुरू किया, लेकिन उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने संस्था को आज राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर दिया। उनकी इस यात्रा को नई पीढ़ी से उनकी सुपुत्री अनुष्का वर्मा ने और भी मजबूती से आगे बढ़ाया। अनुष्का, जो खुद पर्यावरण क्षेत्र की इंजीनियर हैं, ने विदेश जाकर पढ़ाई करने के बजाय भारत में रहकर पर्यावरण सुधार और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाने को प्राथमिकता दी। उनके इस निर्णय ने न केवल पिता के प्रयासों को गति दी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि देश सेवा और पर्यावरण सुधार से बड़ा कोई करियर नहीं होता। सम्मान का आधार एनवायरोज़ोन द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जागरूकता अभियान, सतत विकास मॉडल, तकनीकी नवाचार, सामुदायिक भागीदारी और जमीनी स्तर पर किए गए भरोसेमंद कार्य रहे।

विशेषज्ञों ने मंच से कहा कि संस्था ने पर्यावरण समाधान को केवल फाइलों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे धरातल पर उतारकर बदलाव सुनिश्चित किया। समारोह में मौजूद अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने कहा कि धर्मेंद्र वर्मा की कार्यशैली नए भारत की सोच का प्रतिबिंब है, जो समाधान आधारित, आत्मनिर्भर और जनभागीदारी से जुड़ी है। उनकी यात्रा आज युवाओं, स्टार्टअप्स और छोटे शहरों से निकलने वाले उद्यमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। इस अवसर पर रविंद्र तिवारी, नीरज सिंह सहित पंचशील प्राइम रोड सोसाइटी के अनेक मित्रों और शुभचिंतकों ने श्री वर्मा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान अयोध्या की मेहनत, संस्कार और मजबूत संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि  ‘गाँव छोटा हो सकता है, लेकिन सोच और हौसला नहीं। अगर इरादे मजबूत हों, तो पहचान किसी महानगर की मोहताज नहीं होती। यह यात्रा हमें यह याद दिलाती है कि सफलता की सबसे बड़ी नींव ईमानदारी और समर्पण है।