डेढ़ हजार करोड़ रुपए के घोटाले में हुई कार्रवाई
लखनऊ। सीबीआई ने चर्चित गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में सिंचाई विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता रूप सिंह यादव को गिरफ्तार किया है। करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपए के इस घोटाले में जल्द कुछ और गिरफ्तारी होने की संभावना है। इस कार्रवाई से सिंचाई विभाग में एकाएक हड़कंप मच गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस प्रकरण की जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज आलोक सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। कमेटी ने जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसके बाद सिंचाई विभाग के कई इंजीनियर और ठेकेदारों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
सरकार ने बाद में इस प्रकार की जांच सीबीआई के हवाले कर दी थी। सीबीआई ने 24 नवंबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। सिंचाई विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता रूप सिंह यादव के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। ईडी ने पिछले साल यादव की संपत्ति भी अटैच कर ली थी। सीबीआई ने अब मुख्य मुख्य अभियंता रूप सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से सिंचाई विभाग में हड़कंप मच गया है। सूत्रों का कहना है कि इस घोटाले में घिरे कुछ और आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी होने की उम्मीद है। गोमती रिवर फं्रट के लिए सपा सरकार ने 1513 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। 1437 करोड़ रुपए रिलीज होने के बाद भी सिर्फ 60 फीसदी काम कराया गया थाञ। योगी सरकार ने 2017 में इस प्रकरण की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट में ढेरों खामियां सामने आने के बाद सरकार ने सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा था। आरोप है कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया था। 95 फीसदी बजट जारी होने के बावजूद 40 प्रतिशत काम पूरा नहीं कराया गया।
















