-कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जिम्मेदारी भरा जायजा
-डीसीपी नगर धवल जायसवाल ने कांवड़ मार्गों का किया मुआयना
-श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात और जनसुनवाई में दिखाई विशेष तत्परता
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्रावण मास के अवसर पर उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक कांवड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। पुलिस उपायुक्त नगर (डीसीपी सिटी) धवल जायसवाल ने मंगलवार को थाना नंदग्राम क्षेत्रांतर्गत प्रमुख कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए यात्रा को सुरक्षित, सुविधाजनक और शांतिपूर्ण बनाने के लिए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीसीपी के साथ सहायक पुलिस आयुक्त नंदग्राम पूनम मिश्रा, थाना प्रभारी नंदग्राम और संबंधित पुलिस टीम मौजूद रही। यात्रा के प्रमुख मार्ग दिल्ली-मेरठ रोड पर यात्रा लेन की बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, यातायात के वैकल्पिक प्रबंध, मेडिकल इमरजेंसी सेवाएं और निगरानी व्यवस्था की गहराई से समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान डीसीपी धवल जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सामूहिक आस्था और अनुशासन का संगम है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे आयोजन की सफलता के लिए प्रशासन और पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए हमारी प्राथमिकता है कि उन्हें न केवल सुरक्षित यात्रा मिले, बल्कि वे पूरी श्रद्धा और सुविधा के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सकें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, शिविर स्थलों, मुख्य चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त, सीसीटीवी निगरानी, पुलिस सहायता केंद्र और आपात प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती सशक्त ढंग से की जाए।
डीसीपी ने सुनी जनता की समस्याएं, मौके पर दिए निस्तारण के आदेश
पुलिस कमिश्नरेट के निर्देशों के अनुपालन में डीसीपी धवल जायसवाल ने प्रतिदिन की तरह मंगलवार को अपने कार्यालय में जनसुनवाई दिवस का भी आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। डीसीपी ने प्रत्येक व्यक्ति की बात को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना, और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्याओं का शीघ्र, निष्पक्ष और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हर फरियादी हमारे लिए महत्वपूर्ण है। उसकी बात को सुना जाना और समाधान मिलना ही पुलिसिंग का असली चेहरा है।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के निरीक्षण और संवादात्मक शैली ने यह स्पष्ट कर दिया कि गाजियाबाद पुलिस केवल व्यवस्था संभालने वाली इकाई नहीं, बल्कि सहानुभूति आधारित उत्तरदायी प्रशासन का प्रतीक बनती जा रही है। कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन को लेकर पुलिस का यह सक्रिय रुख न केवल प्रशासनिक कुशलता को दर्शाता है, बल्कि जनता के प्रति उत्तरदायित्व और जवाबदेही को भी प्रतिबिंबित करता है। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट द्वारा तैयार यातायात रूट प्लान, शिविर स्थानों की सूची, इमरजेंसी नंबर और सहायता चौकियों की तैनाती से यह स्पष्ट है कि इस बार कांवड़ यात्रा को एक स्मार्ट, सुव्यवस्थित और श्रद्धा से परिपूर्ण अनुभव बनाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।

















