गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा, रेस्क्यू ऑपरेशन बंद

उत्तराखंड के चमोली में बचाव टीमों की परेशानी बढ़ी

नई दिल्ली। उत्तराखंड के चमोली में प्राकृतिक आपदा आने के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस बीच ऋषिगंगा नदी का जलस्तर गुरुवार को एकाएक बढ़ गया। ऐसे में तपोवन में रेस्क्यू ऑपरेशन को आनन-फानन में रोक दिया गया है। रैणी गांव से नदी में जलस्तर बढ़ने की खबर मिलने के बाद टनल के भीतर और बाहर आस-पास के क्षेत्रों में बचाव कार्य में जुटी टीमों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन रूकने से प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। प्रशासन के मुताबिक टनल के भीतर मलबा हटाने का काम चल रहा था। टनल में फंसे 34 सदस्यीय दल तक पहुंचने को टनल से मलबा निकाला जा रहा था। उधर, अभी यह नहीं मालूम पड़ा है कि नदी में एकाएक बहाव बढ़ने की वजह क्या है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने बताया कि टनल में फंसे नागरिकों को बचाने में निरंतर आ रही कीचड़ सबसे बड़ा अवरोधक बन रही है। ऐसे में यह पता लगाने के लिए बड़ी मशीन से खुदाई की जा रही है कि क्या इस समस्या को किसी और तरीके से हल किया जा सकता है तथा क्या बचाव कर्मी और गहराई में जा सकते हैं। बता दें कि उत्तराखंड के जनपद चमौली में गत 7 फरवरी को अचानक ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा टूट गया था। नतीजन समीप में निर्माणाधीन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का एक हिस्सा धराशायी हो गया था। पावर प्रोजेक्ट के काम में मशगूल दो सौ से ज्यादा कर्मचारी पानी के तेज बहाव के साथ बह गए थे। इनमें कर्मचारियों के अलावा सुरक्षा गार्ड भी थी। कई नागरिकों को सकुशल बचा लिया गया, मगर अभी भी बड़ी संख्या में नागरिकों की तलाश चल रही है। टनल में 2 दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका है। वहीं, ऋषिगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रूकने से फंसे कर्मचारियों को निकालने में और ज्यादा वक्त लग सकता है।