चीन ने पीछे खींचे पांव, भारत की बड़ी जीत

पैंगोंग लेक पर खत्म होगा दोनों देशों के बीच तनाव

नई दिल्ली। भारत-चीन के बीच सीमा विवाद खत्म होता दिखाई दे रहा है। लद्दाख के पैंगोंग लेक के पास से चीन ने पांव पीछे खींच लिए है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों को वहां से हटाने पर सहमति बन गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज राज्य सभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के मध्य समझौता हो गया है। पैंगोंग लेक क्षेत्र से दोनों देश अपनी-अपनी सेनाओं को पीछे हटाएंगे। राजनाथ ने कहा कि हम अपनी एक इंच भूमि किसी को भी नहीं लेने देंगे। उन्होंने कहा कि भारत-चीन के बीच पैंगोंग लेक के पास उत्पन्न विवाद में समझौता हो गया है। दोनों देश की सेनाएं अपने सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमत हो गई हैं। दोनों देशों ने तय किया है कि अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति को बहाल किया जाएगा। निर्माण को भी हटा दिया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने चीन से स्पष्ट कर दिया है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) में कोई परिवर्तन नहीं होना चाहिए। भारत-चीन की सेनाएं अपनी-अपनी पहले की जगह पर वापस पहुंच जाएं। उन्होंने कहा कि चीन के साथ इस समझौते में भारत ने कुछ भी नहीं खोया है। पैंगोंग के नॉर्थ और साउथ बैंक को लेकर दोनों देशों में समझौता हो गया है। दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटेंगी। उन्होंने कहा कि भारत ने चीन से हमेशा कहा है कि द्विपक्षीय संबंध दोनों तरफ से प्रसास किए जाने पर विकसित हो सकते हैं। साथ सीमा विवाद भी बातचीत से सुलझाया जा सकता है। रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा कि सामरिक दृष्टि से अह्म कई क्षेत्रों में भार की सेना की मौजूदगी है। पूर्वी लद्दाख में चीन पर भारत ने बढ़त बना रखी है। मिलिट्री और कुटनीतिक स्तर पर बातचीत हुई है। राजनाथ सिंह ने कहा कि जिन जवानों ने इस दरम्यान अपनी जान गंवाई है, उन्हें देश हमेशा सलाम करेगा।