-जिलाधिकारी मेधा रूपम का आदेश: जनपद को जल्द नशामुक्त बनाने के लिए सभी विभाग सक्रिय हों
-अवैध शराब की बिक्री पर विशेष अभियान, आबकारी विभाग करेगी सतत छापेमारी
-नशा मुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण और मानकों के अनुसार संचालन सुनिश्चित
-जन-जागरूकता अभियान तेज, स्कूल, कॉलेज, आरडब्ल्यूए और स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता
-संदिग्ध ठिकानों पर औचक कार्रवाई, तस्करों और माफियाओं पर सख्त रुख
-गोपनीय सूचना तंत्र और टोल-फ्री नंबर से आमजन भी भागीदार बने
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। जिले को नशा और अवैध शराब मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। बुधवार को कलेक्ट्रेट में नार्को कोर्डिनेशन सेंटर (एनसीआरओडी) की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी मेधा रूपम ने की। बैठक में नशा और अवैध शराब के नियंत्रण के लिए विशेष प्रवर्तन अभियान और व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग आपस में समन्वय और सहयोग से समयबद्ध और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नशे और अवैध शराब की समस्या समाज की संरचना और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 10 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2025 तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, तस्करी और परिवहन पर अंकुश लगाया जाएगा। उप-जिलाधिकारी और थाना क्षेत्रों के अधिकारी संयुक्त टीमों का नेतृत्व करेंगे। सीमावर्ती क्षेत्रों, राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों, ढाबों और संदिग्ध अड्डों पर औचक छापेमारी की जाएगी। आम नागरिकों को गोपनीय रूप से सूचना देने के लिए टोल-फ्री नंबर 14405 और व्हाट्सएप नंबर 9454466019 उपलब्ध हैं। हमारी टीम पूरी सतर्कता और कड़े नियंत्रण के साथ काम कर रही है।
जिलाधिकारी ने सीमावर्ती क्षेत्रों, राष्ट्रीय और राज्य मार्गों, ढाबों, बंद फैक्ट्रियों और नदी तटों पर औचक छापेमारी करने के निर्देश दिए। दुकानों के बारकोड और क्यूआर कोड की जांच, रैंडम टेस्ट परचेज और सीसीटीवी निगरानी भी अनिवार्य की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध शराब के खतरनाक प्रभावों, विशेषकर मिथाइल अल्कोहल से होने वाले अंधापन और मृत्यु के जोखिम के बारे में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसमें पोस्टर, हैंडबिल, समाचार पत्र और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का उपयोग किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा “शा और अवैध शराब केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है, यह समाज और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। हम चाहते हैं कि सभी विभाग मिलकर ठोस, समयबद्ध और समन्वित कार्रवाई करें। नशा मुक्ति केंद्रों का प्रभावी निरीक्षण होगा और जन-जागरूकता अभियान हर क्षेत्र में व्यापक रूप से चलाया जाएगा। हमारी प्राथमिकता है कि जनपद को नार्कोटिक्स और अवैध शराब मुक्त बनाया जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित जांच और निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। विशेष टीमें केंद्रों की संचालन क्षमता, सेवा गुणवत्ता और मानकों के अनुरूपता का मूल्यांकन करेंगी।
शिक्षण संस्थानों, छात्रावासों और पीजी आवासों में औचक निरीक्षण कर नशा मुक्त परिसर का शपथ पत्र लिया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों को प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, जिला तंबाकू नियंत्रण अधिकारी श्वेता खुराना, आबकारी निरीक्षक अखिलेश बिहारी वर्मा, नामवर सिंह, अभिनव शाही, डॉ शिखा ठाकुर, संजय चन्द्र, सचिन त्रिपाठी और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं है, बल्कि आमजन को सतर्क करना और समाज में नशा-मुक्त सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।

















