- अनुज्ञापन निलंबन और सख्त कानूनी कार्रवाई, जिले में कानून और व्यवस्था का नया युग
- आबकारी विभाग की कड़ी कार्रवाई, अवैध शराब माफियाओं पर नकेल
- आबकारी निरीक्षक अभिनव शाही और टीम की कुशल कार्यशैली का दिखा असर
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में अवैध शराब के खिलाफ चल रही मुहिम ने अब अपने चरम पर पहुँचते हुए इलाके में कानून का राज स्थापित कर दिया है। आबकारी विभाग की टीम ने न केवल बड़े शराब माफियाओं पर शिकंजा कसा है बल्कि छोटे तस्करों और लाइसेंसी दुकानों में अवैध बिक्री करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई कर जिले की छवि सुधारने में अहम भूमिका निभाई है।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव और उनकी टीम ने पिछले कुछ महीनों में जिले में अवैध शराब माफियाओं की सक्रियता पर लगातार निगरानी रखी। उनका कहना है कि अब जिले में अवैध शराब की कोई जगह नहीं है और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उनके नेतृत्व में आबकारी टीम ने जिले में कानून के शासन को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। मंगलवार रात को आबकारी निरीक्षक अभिनव शाही और उनकी टीम ने सेक्टर-63 स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान (शॉप आईडी 45539) का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दुकान में रखी विदेशी शराब की कुल 8 बोतलों की जांच की गई, जिसमें वैलेंटाइन फाइनेस्ट ब्लेंडेड स्कॉच व्हिस्की, ब्लैक लेबल और रेड लेबल स्कॉच व्हिस्की और जेम्सन ट्रिपल डिस्टिल्ड आइरिश व्हिस्की शामिल थीं। बरामद शराब की बोतलों की कीमत करीब 15 से 20 हजार है। जांच में यह पता चला कि इन सभी बोतलों पर चस्पा क्यूआर कोड फर्जी था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अवैध शराब को वैध दर्शाकर आबकारी राजस्व को हानि पहुंचाई जा रही थी। इस कार्रवाई में दो विक्रेताओं कुलदीप सिंह और रोहताश कुमार को गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य दो विक्रेता अंशुल जायसवाल और दीपक कुमार मौके से फरार हो गए। पूछताछ में सामने आया कि फर्जी क्यूआर कोड बनाने का काम राज यादव नामक व्यक्ति करता था, जिसका नेटवर्क केवल जिले तक ही सीमित नहीं है। इस गिरोह का पता लगाने के लिए आबकारी विभाग ने पिछले दिनों लखनऊ में भी समान कार्यवाही की थी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह एक संगठित अवैध नेटवर्क है।
अभिनव शाही और टीम की कुशलता ने बदला माहौल
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अभिनव शाही और उनकी टीम ने लगातार निरीक्षण और कार्रवाई के जरिए जिले में कानून का रौद्र रूप दिखाया है। उनका कहना है कि चाहे बड़े शराब माफिया हों या छोटे विक्रेता, किसी को भी नियम तोड़ने की अनुमति नहीं है। निरीक्षक शाही की सतर्कता, निष्ठा और तकनीकी दक्षता के कारण ही फर्जी क्यूआर कोड के मामले का भंडाफोड़ समय रहते हो सका। श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे जिले में अब नियमों के खिलाफ शराब बेचने वाले किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं है। अगर कोई लाइसेंसी दुकान नियमों का उल्लंघन करेगी, तो तुरंत अनुज्ञापन निलंबन और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमारी टीम दिन-रात इस दिशा में काम कर रही है।
अनुज्ञापन निलंबन और कानूनी कार्रवाई
जिला आबकारी अधिकारी ने कम्पोजिट दुकान का अनुज्ञापन निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही आबकारी अधिनियम और बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। यह कार्रवाई जिले में कानून और व्यवस्था बनाए रखने का स्पष्ट संदेश है। जिले में अब यह संदेश फैल गया है कि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर अवैध शराब व्यापार नहीं कर सकता। टीम की सतर्कता और सक्रियता के कारण चुनाव या त्योहारों के दौरान शराब माफियाओं की गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो चुकी हैं। जिले में अब अवैध शराब पर नियंत्रण के लिए आबकारी विभाग का दृढ़ प्रभुत्व कायम है।
जिले में बदलाव का प्रभाव
गौतमबुद्ध नगर में अब कानून और नियमों का राज कायम है। आबकारी विभाग की कुशल कार्यशैली के कारण जिले की सुरक्षा और प्रशासनिक स्थिति में सुधार हुआ है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव और अभिनव शाही की टीम ने यह साबित कर दिया है कि यदि अधिकारियों में प्रतिबद्धता और दक्षता हो, तो अवैध गतिविधियों को नियंत्रित किया जा सकता है। जिला आबकारी अधिकारी ने सभी लाइसेंसी दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी है कि नियमों का पालन अनिवार्य है। उनका कहना है कि जिले में कार्य करना है तो नियमों के अनुसार ही होगा। कोई भी व्यक्ति कानून को ताक पर रखकर काम नहीं कर सकता। इस कड़ी कार्रवाई से जिले में अवैध शराब व्यापारियों और माफियाओं के लिए खतरे की घंटी बज गई है। आबकारी निरीक्षक अभिनव शाही की टीम ने यह साबित कर दिया है कि सतर्कता, कुशल निगरानी और तेज निर्णय क्षमता से अवैध गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
















