-उपाध्यक्ष अतुल वत्स के आदेश पर प्रवर्तन टीम ने दो अस्थायी ऑफिस और भूखंडों की बाउंड्रीवाल बुलडोजर से तोड़ी, सख्त संदेश दिया गया
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की प्रवर्तन टीम ने हिंडन नदी डूब क्षेत्र में अनाधिकृत कॉलोनी और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई तेज कर दी है। उपाध्यक्ष अतुल वत्स के सख्त निर्देशों के तहत गुरुवार को जीडीए प्रवर्तन जोन-4 के प्रभारी अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई संपन्न हुई। इस कार्रवाई में सहायक अभियंता विनय कुमार और अवर अभियंता गिरिजा शंकर मल्ल ने जीडीए पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर के माध्यम से दो स्थानों पर अवैध निर्माण और प्लाटिंग के लिए किए गए डिर्माकेशन कार्य को ध्वस्त किया। हिंडन नदी के समीप डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनी के निर्माण ने न केवल स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित किया था, बल्कि यह सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन का स्पष्ट उदाहरण भी बन गया था। जीडीए प्रवर्तन टीम ने दो अस्थायी ऑफिसों को ध्वस्त कर क्षेत्र में कानूनी और नियामक संदेश दिया कि कोई भी अनाधिकृत निर्माण सहन नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही, दूसरी अनाधिकृत कॉलोनी में पहले से ध्वस्त किए गए भूखंडों की बाउंड्रीवाल को भी बुलडोजर के माध्यम से तोड़ दिया गया। प्रवर्तन टीम का कहना है कि यह कदम उस दिशा में उठाया गया है ताकि भविष्य में किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा नियमों की अवहेलना न की जा सके। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि हिंडन नदी डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनधिकृत कॉलोनी और अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह हमारी नीति है कि जनहित और पर्यावरण सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जीडीए प्रवर्तन टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनी बनाने वाले लोगों को पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कानून की अवहेलना की। इसी कारण सख्त कार्रवाई अपरिहार्य हो गई। टीम ने मौके पर वीडियो और फोटोग्राफी के माध्यम से रिकॉर्डिंग भी की ताकि भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में कानूनी कार्रवाई सुगम हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिंडन नदी डूब क्षेत्र जैसी संवेदनशील पारिस्थितिकीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण से न केवल जल निकासी प्रभावित होती है बल्कि बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम भी बढ़ जाता है। इस दृष्टि से जीडीए की यह कार्रवाई स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मौके पर क्षेत्रवासियों ने भी जीडीए की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अवैध कॉलोनियों के कारण उनका जीवन प्रभावित हो रहा था। जीडीए प्रवर्तन टीम ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी किसी भी क्षेत्र में अनाधिकृत कॉलोनी और अवैध निर्माण की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, टीम ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे किसी भी नए निर्माण की अनुमति देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें ताकि कोई भी नियम का उल्लंघन न हो।
















