रेरा समाधान दिवस: तीन आवंटियों को समझौते पर मिला भुगतान, आवंटियों की समस्याओं का समय से निस्तारण जारी

-जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देशन में रेरा समाधान दिवस में 11 शिकायतकर्ताओं में से तीन आवंटियों को चेक के माध्यम से भुगतान, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के सभागार में गुरूवार को आयोजित रेरा समाधान दिवस में तीन आवंटियों एवं शिकायतकर्ताओं को उनके लंबित मामलों का समझौता राशि का भुगतान किया गया। यह पहल जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देशन में की जा रही है, जिससे आवंटियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके और उन्हें रेरा अथवा अन्य संस्थाओं के चक्कर लगाने की आवश्यकता न पड़े। इस मौके पर संयुक्त सचिव एमपी सिंह की अध्यक्षता में रेरा समाधान दिवस की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में रेरा से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा की गई और उन आवंटियों पर ध्यान केंद्रित किया गया जिनके मामले लंबित थे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि तीन आवंटियों- ऋचा सिंघल, खुशबू सिंघल एवं रोहित गोयल को उनके मामलों के समझौते के आधार पर भुगतान किया जाएगा। समझौते के पश्चात इन आवंटियों को चेक के माध्यम से भुगतान किया गया और उनके प्रकरण को समझौते के आधार पर पूर्णत: समाप्त कर दिया गया।

इस प्रकार रेरा समाधान दिवस का यह आयोजन आवंटियों के लिए राहत और विश्वास का संदेश लेकर आया। रेरा समाधान दिवस के दौरान कुल 11 शिकायतकर्ता और आवंटी उपस्थित हुए। तीन आवंटियों ने बैठक के दौरान समझौते हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने इस अवसर पर अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवंटियों की समस्याओं का समय से निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मामले में आवंटियों को बार-बार रेरा या अन्य मंचों का रुख न करना पड़े। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रकरण का स्थलीय निरीक्षण कर ही निस्तारण किया जाए, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या विलंब न हो। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आवंटियों के साथ संवाद और समाधान प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।

इस मौके पर आवंटियों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की। ऋचा सिंघल ने कहा कि यह प्रक्रिया न केवल उन्हें राहत प्रदान करती है बल्कि भविष्य में रेरा के प्रति उनकी विश्वास की भावना को भी मजबूत करती है। वहीं, रोहित गोयल ने अधिकारियों के समय पर निस्तारण और पारदर्शिता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कदम अन्य आवंटियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की यह पहल यह संदेश देती है कि आवंटियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। रेरा समाधान दिवस न केवल आवंटियों के हित में है बल्कि यह जीडीए की पारदर्शिता और जवाबदेही का भी प्रतीक है। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि हमारी कोशिश है कि रेरा से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान समय से और प्रभावी तरीके से हो।

आवंटियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अधिकारी सतत प्रयासरत हैं। यह दिन हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका सीधा लाभ सीधे जनता को मिलता है। इसके साथ ही, जीडीए प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी विभागीय अधिकारी आवंटियों की समस्याओं के निस्तारण में सक्रिय भूमिका निभाएं और किसी भी मामले में लापरवाही न हो। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी मामले की जांच और निस्तारण में समय की पाबंदी का विशेष ध्यान रखा जाए। रेरा समाधान दिवस के माध्यम से आवंटियों और शिकायतकर्ताओं को यह विश्वास भी दिलाया गया कि उनका पक्ष सुना जाएगा और उनके हित में त्वरित कार्रवाई की जाएगी। यह कदम न केवल स्थानीय आवंटियों के लिए राहत का कारण बना है बल्कि अन्य आवंटियों के लिए भी प्रशासन पर भरोसा मजबूत करने वाला है।