- याकूतपुर मवी और ललितपुर तिबड़ा में कुल 39,000 वर्गमीटर क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों को हटाया गया
- निर्माणकर्ताओं के विरोध के बीच जीडीए पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में रखी, ध्वस्तीकरण कार्रवाई सफल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देशानुसार मोदीनगर क्षेत्र में अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को ग्राम याकूतपुर मवी और ललितपुर तिबड़ा में लगभग 39,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनाई जा रही दो अवैध कॉलोनियों को बुलडोजर द्वारा ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई का नेतृत्व जीडीए प्रवर्तन जोन-2 के प्रभारी एवं ओएसडी राजीव रतन सिंह ने किया। उनके साथ सहायक अभियंता राजीव कुमार, सहायक अभियंता अनिल कुमार, अवर अभियंता राजन सिंह और अवर अभियंता योगेश कुमार वर्मा भी मौजूद थे। इस दौरान जीडीए पुलिस बल और मोदीनगर थाना पुलिस ने पूरी सुरक्षा और नियंत्रण बनाए रखा। याकूतपुर मवी में खसरा संख्या-35 पर ईशू नेहरा पुत्र रविंद्र नेहरा, कृष्णपाल और यशवीर उ$र्फ बाबू पुत्र प्रेमचंद द्वारा लगभग 17,000 वर्गमीटर में अवैध कॉलोनी बनाई जा रही थी।
वहीं ललितपुर तिबड़ा में खसरा संख्या-10 व 11 पर विनोद पुत्र जसवंत, लोकेन्द्र पुत्र महेंद्र सिंह, ज्ञानेन्द्र कुमार पुत्र महेंद्र सिंह, रूबी पुत्री सतेन्द्र, नीतू पुत्री सतेन्द्र और अरुणा पत्नी सतेंद्र द्वारा लगभग 22,000 वर्गमीटर क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण किया जा रहा था। इन क्षेत्रों में अवैध निर्माण, प्लाटिंग और मिट्टी भराव कार्य चल रहा था। जांच के दौरान कालोनाइजर कोई स्वीकृत तलपट मानचित्र या साक्ष्य अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद जीडीए प्रवर्तन टीम ने इन दोनों कॉलोनियों में बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़कों, भूखंडों की बाउंड्रीवॉल और साईट ऑफिस को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान निर्माणकर्ताओं और कालोनाइजरों ने जमकर विरोध किया, लेकिन जीडीए पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए उन्हें वहां से खदेड़ दिया। मौके पर उपस्थित सहायक अभियंता ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में बिना अनुमति किसी भी निर्माण को तुरंत ध्वस्त किया जाएगा। जीडीए प्रवर्तन की यह कार्रवाई उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के सख्त निर्देशों के अनुरूप की गई, ताकि अनधिकृत कॉलोनियों और अवैध निर्माण पर अंकुश लगाया जा सके और जनपद में नियमानुसार विकास सुनिश्चित किया जा सके। इस प्रकार की कार्रवाई से यह संदेश गया कि गाजियाबाद में किसी भी अनधिकृत निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी कालोनाइजर और निर्माणकर्ता प्रशासन के आदेशों का पालन करना अनिवार्य होगा।















