साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और नशीले पदार्थों पर गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने कसा शिकंजा

  • पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने वर्ष 2026 की अपराध नियंत्रण योजना को धरातल पर लागू करने के दिए कड़े निर्देश
  • ऑपरेशन कन्विक्शन और बीट प्रणाली से अपराधियों की प्रभावी पहचान और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित
  • साइबर सुरक्षा, महिला अपराध और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर विशेष निगरानी और त्वरित निस्तारण

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में अपराध नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस ने वर्ष 2026 की रणनीति को लागू करना शुरू कर दिया है। इस दिशा में बुधवार को पुलिस कार्यालय के मीटिंग हॉल में पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में साइबर अपराध, महिला अपराध, नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और संपत्ति एवं शारीरिक अपराधों पर नियंत्रण सुनिश्चित करना था। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधियों पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षा और राहत सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि किसी भी दर्ज मुकदमे की विवेचना और निस्तारण में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अपराधियों और उनके नेटवर्क की पहचान कर उन्हें कोर्ट में प्रभावी पैरवी के माध्यम से न्याय दिलाना प्राथमिकता होगी।

बैठक में एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय एवं अपराध केशव चौधरी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था एवं यातायात आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील सहित सभी सहायक पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस कमिश्नर ने साइबर अपराधों की रोकथाम को सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए कहा कि साइबर अपराधों के मामलों का निस्तारण समयबद्ध किया जाएगा और इंटरनेट के माध्यम से होने वाले अपराधों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए और समय-सीमा में इसे लागू किया जाए। नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और नशाखोरी पर अभियान चलाया जाएगा, वहीं अवैध शस्त्र रखने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि संपत्ति एवं शरीर संबंधी अपराधों को रोकने के लिए बीट प्रणाली को और अधिक सशक्त किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक थाना क्षेत्र में पुलिस बल की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी और अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी प्रकार के डेटा को सीसीएमएस, सीईएमएस और आईएमएस पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपडेट करने का निर्देश दिया गया। बैठक में वर्ष-2025 में शुरू किए गए नवाचारों की भी समीक्षा की गई। इनमें सिटीजन चार्टर, बीट प्रणाली, वादी संवाद दिवस, जनसुनवाई प्रणाली, शिष्टाचार संवाद नीति और फीड बैक सेल शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि इन नवाचारों की निरंतर निगरानी और प्रभावी कार्यान्वयन जारी रखा जाए। इसके साथ ही आगामी पर्व मकर संक्रांति और गणतंत्र दिवस की तैयारियों की समीक्षा भी बैठक में की गई, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहे।

पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने बैठक में अपराध नियंत्रण, जनसहभागिता, साइबर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और पुलिस बल की कार्य प्रणाली को विस्तार से अधीनस्थ अधिकारियों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और आमजन को हर स्थिति में सुरक्षा मिलेगी। इस बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश गया कि गाजियाबाद पुलिस अपराधों के खिलाफ कड़े कदम उठाने, आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिले को सुरक्षित शहर बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। पुलिस कमिश्नर की सक्रिय और जवाबदेह कार्यशैली से जिले में आमजन का पुलिस पर विश्वास बढ़ा है और अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।