उत्सव भवनों और चौराहों की खूबसूरती बढ़ाने को जीडीए ने आर्किटेक्चर काउंसिल संग मिलाया हाथ

-वास्तु प्रतियोगिताओं से मिलेगा गाजियाबाद को नया सौंदर्यबोध, गरीबों को मिलेंगे आधुनिक समारोह स्थल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद के शहर विकास को एक नई दिशा और गरिमामयी पहचान देने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एक ऐतिहासिक पहल की है। शहर के सौंदर्यीकरण, सुव्यवस्था और समावेशी विकास को साकार करने के उद्देश्य से जीडीए ने केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत प्रतिष्ठित संस्था काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर (सीओए) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। इस अभूतपूर्व साझेदारी के ज़रिए जीडीए अब गाजियाबाद को न केवल आधुनिक और सुंदर चौराहों से सजाएगा, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय गरिमा को केंद्र में रखते हुए गरीब एवं मध्यम वर्गीय नागरिकों के लिए ‘उत्सव भवन’ जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा जहां वे विवाह, पारिवारिक और सामाजिक समारोह सम्मानपूर्वक आयोजित कर सकें। अब तक नगरों में शादी-ब्याह और अन्य आयोजनों के लिए निजी वेन्यू ही विकल्प थे, जो सामान्य वर्ग की पहुंच से दूर रहे। लेकिन यह योजना अब गाजियाबाद को ऐसा शहर बनाएगी, जहां हर वर्ग के नागरिक को गरिमामयी और सुसज्जित स्थल उपलब्ध होंगे।

सीएम योगी की प्राथमिकता, जीडीए की त्वरित पहल
यह समझौता ऐसे समय पर हुआ है जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में गाजियाबाद दौरे पर जीडीए को गरीबों के लिए उत्सव भवनों के निर्माण और शहरी चौराहों की सौंदर्यात्मक रूप से पुन: डिजाइनिंग के स्पष्ट निर्देश दिए थे। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अगुवाई में इस पर त्वरित अमल करते हुए सोमवार को नई दिल्ली में जीडीए और वास्तुकला परिषद के बीच यह एमओयू साइन हुआ।

शहर को मिलेंगे सजे-धजे चौराहे और इंसानियत से भरे आयोजन स्थल
एमओयू के तहत गाजियाबाद शहर के प्रमुख चौराहों, जंक्शनों और सार्वजनिक स्थलों को सौंदर्यपूर्ण रूप देने के लिए डिजाइन प्रतियोगिता कराई जाएगी। वहीं, समाज के वंचित वर्ग को ध्यान में रखते हुए उन इलाकों में उत्सव भवनों की डिजाइनिंग होगी जहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग सस्ती दरों पर अपने सामाजिक समारोह कर सकें। गौर करने वाली बात यह है कि जीडीए इस पूरी योजना के तहत पुरस्कार वितरण, आयोजन, निर्णायक मंडल (ज्यूरी) के मानदेय सहित सभी खर्चों को स्वयं वहन करेगा।

देशभर के आर्किटेक्ट्स देंगे गाजियाबाद को नया चेहरा
गाजियाबाद को न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल सिटी के रूप में पेश करने की मंशा से यह प्रतियोगिताएं देशभर के आर्किटेक्ट्स, डिजाइनर्स, वास्तुकला छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए खुली रहेंगी। वास्तुकला परिषद इसमें तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा और ज्यूरी के गठन व नियमावली तैयार करने में सहयोग करेगा।

शहर का नया चेहरा गढ़ेगा यह समझौता
यह साझेदारी जीडीए की उस सोच को दर्शाती है जिसमें ‘सभी के लिए समावेशी, सुंदर और टिकाऊ शहर’ की परिकल्पना है। केवल इमारतें या चौराहे नहीं, अब गाजियाबाद में इंसानियत, सम्मान और सुंदरता का समागम दिखेगा। गौरतलब है कि उत्सव भवनों के लिए अभी तक कोई निर्धारित डिजाइन या मानक ढांचा नहीं था, जिससे गरीब तबका उपेक्षित रहता था। इस योजना से वे भी गरिमा से अपना उत्सव मना सकेंगे।

साझेदारी की मुख्य विशेषताएं:
• वास्तुकला परिषद की तकनीकी देखरेख में डिजाइन प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
• प्रतियोगिताओं में देशभर के अनुभवी वास्तुकार, छात्र और संस्थान भाग लेंगे।
• गाजियाबाद के उत्सव भवनों की डिजाइन और चौराहों के रूपांतरण पर होगा फोकस।
• पुरस्कार, आयोजन, ज्यूरी और मानदेय का पूरा खर्च जीडीए वहन करेगा।
• प्रतियोगिता 7 जुलाई से शुरू हो चुकी है, जिसका अंतिम मूल्यांकन 18 अगस्त तक किया जाएगा।
• यह समझौता प्रारंभ में एक वर्ष के लिए मान्य होगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है।

जीडीए की सोच, जनता का सहयोग

अतुल वत्स
जीडीए उपाध्यक्ष (वीसी)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विज़न के अनुरूप गाजियाबाद को एक समावेशी, गरिमामय और सौंदर्ययुक्त शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह समझौता (एमओयू) एक ऐतिहासिक कदम है। काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर के साथ हुई यह साझेदारी न केवल शहर की चौराहों व जंक्शनों की खूबसूरती बढ़ाएगी, बल्कि समाज के वंचित वर्ग के लिए उत्सव भवन जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित करेगी। हम चाहते हैं कि गाजियाबाद का हर नागरिक, चाहे वह किसी भी वर्ग से आता हो, अपने सामाजिक आयोजनों को सम्मान के साथ मना सके। जीडीए इसके लिए हर स्तर पर समर्पित है और हम प्रतियोगिताओं से निकलने वाले श्रेष्ठ डिज़ाइनों को धरातल पर उतारकर गाजियाबाद को राष्ट्रीय स्तर की मॉडल सिटी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अतुल वत्स
जीडीए उपाध्यक्ष