-निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग, कार्ययोजना, बकाया बिल्डरों पर सख्ती और जल संरक्षण को लेकर लिए गए अहम फैसले
– जीडीए सचिव ने अभियंत्रण, प्रवर्तन, मास्टर प्लान अधिकारियों साथ की बैठक
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) अब एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत बनाए जा रहे भवनों की गुणवत्ता और निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर पहले से कहीं ज्यादा सख्त रवैया अपनाने जा रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर शुक्रवार को अवकाश के दिन भी जीडीए सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सचिव राजेश कुमार सिंह और अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने अभियंत्रण, प्रवर्तन, मास्टर प्लान एवं नियोजन अनुभाग के समस्त वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निजी बिल्डरों द्वारा जीडीए सीमा क्षेत्र के अंतर्गत बनाए जा रहे एलआईजी और ईडब्ल्यूएस भवनों की न केवल स्थलीय मॉनिटरिंग की जाएगी, बल्कि उनकी निर्माण गुणवत्ता और कार्य की प्रगति पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
जीडीए के नियोजन अनुभाग को इन भवनों की स्थिति की जानकारी देने के लिए कहा गया है, जबकि प्रवर्तन अनुभाग के अधिकारी इनका भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। हाईटेक और इंटीग्रेटेड सिटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी इस निगरानी में शामिल किया गया है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि जिन बिल्डरों के निर्माण कार्यों की प्रगति धीमी है, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लोगों को शीघ्र आवास उपलब्ध कराए जाएं, और इसे लेकर जीडीए की जिम्मेदारी को लेकर सख्ती से काम लिया जाएगा। सचिव राजेश कुमार सिंह ने सभी अभियंत्रण जोनों को यह भी निर्देशित किया कि वे सड़क निर्माण, चौराहा विकास, पार्कों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों के लिए आगामी एक वर्ष की कार्ययोजना तैयार करें और 22 अप्रैल तक चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह को सौंपें।
इन सभी योजनाओं को संकलित कर उपाध्यक्ष को वास्तविक प्रगति की जानकारी दी जाएगी। बैठक में एक और अहम बिंदु यह रहा कि जिन बिल्डरों पर जीडीए का बकाया है, उनकी सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्रवर्तन अनुभाग को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थिति की जांच करने के लिए भी निर्देशित किया गया, जिससे जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा दिया जा सके। बैठक का मुख्य उद्देश्य था कि अवकाश के दिन भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तत्परता और कार्य के प्रति गंभीरता को परखा जा सके। जीडीए की यह पहल न सिर्फ निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी, बल्कि आम नागरिकों को समय पर मूलभूत सुविधाएं दिलाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।
















