गाजियाबाद में अवैध निर्माण पर चली जीडीए की ताला मार कार्रवाई

नक्शे से खिलवाड़ नहीं चलेगा: जीडीए ने तीन अवैध इमारतों पर जड़ा ताला
– नेहरू नगर में व्यवसायिक गतिविधियों पर कसा शिकंजा, उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध निर्माण और स्वीकृत नक्शे के विपरीत कॉमर्शियल गतिविधियों पर बड़ा एक्शन लेते हुए शनिवार को नेहरू नगर सेकेंड स्थित तीन बिल्डिंगों को सील कर दिया। यह कार्रवाई जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर की गई, जिन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रवर्तन कार्रवाई के आदेश दिए थे। गाजियाबाद में नियम विरुद्ध निर्माण कार्य और व्यवसायिक उपयोग के खिलाफ जीडीए की यह कार्यवाही जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट उदाहरण है। मौके पर पहुंचे अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, जोन-4 के प्रभारी वीरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता विनय कुमार, अवर अभियंता गिरिजा शंकर मल्ल और जीडीए पुलिस बल की उपस्थिति में तीनों भवनों को सील किया गया। ए-43, नेहरू नगर सेकेंड पर हनी राय और बीनू राय द्वारा आवासीय भूखंड के बेसमेंट में व्यवसायिक गतिविधि चलाई जा रही थी। जीडीए ने 29 जुलाई 2024 को इसका संज्ञान लिया और अगले ही दिन कारण बताओ नोटिस जारी किया। 16 अगस्त 2024 तक समय देने के बावजूद भू-स्वामियों ने कोई जवाब नहीं दिया और अवैध गतिविधियां जारी रहीं। फलस्वरूप नियमानुसार भवन को सील कर दिया गया।

भूखंड संख्या ए-55 पर अतुल मित्तल और अरुण मित्तल को जीडीए ने 3 जून 2025 को सशर्त सील खोलने की अनुमति दी थी कि निर्माण को आवासीय उपयोग के अनुसार ही प्रयोग में लाया जाएगा और व्यवसायिक उपयोग हेतु लगाए गए शटर हटाए जाएंगे। लेकिन न तो शटर हटाए गए और न ही कोई बदलाव किया गया। नतीजतन, निर्माण को पुन: सील कर दिया गया। अरुण कुमार द्वारा भूखंड संख्या ए-59 पर बिना जीडीए स्वीकृति के निर्माण कार्य किया गया। 10 फरवरी 2025 को नोटिस जारी हुआ, जिसमें निर्माणकर्ता ने नियमों का पालन करने की बात कही। लेकिन जांच में पाया गया कि 3 अक्टूबर 2024 के स्वीकृत नक्शे के विपरीत सैटबैक कवर करते हुए स्ट्रक्चर खड़ा किया गया है। इस पर भी सील की कार्रवाई की गई।

जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि जनहित में और शहरी अनुशासन को बनाए रखने के लिए जीडीए द्वारा बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ किए जा रहे किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माणकर्ता बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। जीडीए की कार्रवाई पूर्णत: नियमानुसार और पारदर्शिता के साथ की गई है। भविष्य में भी यदि स्वीकृत नक्शे के विरुद्ध निर्माण पाया गया, तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के नेतृत्व में विभाग की छवि एक जिम्मेदार और प्रभावी संस्थान के रूप में उभरी है। नियमों के पालन को लेकर उनकी स्पष्ट नीति है कि शहरी विकास तभी सार्थक है जब वह विधि-सम्मत हो, नेहरू नगर की यह कार्रवाई उसी दिशा में उठाया गया सख्त कदम है। इस सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि गाजियाबाद में अब नियमों के खिलाफ कोई भी कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जीडीए द्वारा उठाया गया यह कदम उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो स्वीकृत नक्शों के विपरीत निर्माण कार्य करके नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं।