- हर प्रकरण की मौके पर फोटो संलग्न करना अनिवार्य, गलत जवाब देने वालों पर कड़ी कार्रवाई: अतुल वत्स
- हेल्पलाइन शिकायतों का संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के भी दिए निर्देश
- शासन और जिलाधिकारी कार्यालय के निर्देशों के अनुरूप ही निस्तारण की गुणवत्ता बरकरार रखी जाएगी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनता की शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी निवारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जीडीए में आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों और शासन स्तर के पत्राचार के निस्तारण में लापरवाही पर अब सख्ती बरती जाएगी। शनिवार को जीडीए सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल के प्रकरणों की रेंडम चेकिंग प्रतिदिन कम से कम पांच मामलों की की जाए और मौके की फोटो संलग्न करना अनिवार्य होगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी द्वारा गलत जानकारी या अनुपयुक्त निस्तारण किया गया तो संबंधित अधिकारी का वेतन रोकने की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
उपाध्यक्ष ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण के दौरान स्थलों का निरीक्षण अवश्य किया जाए और उसकी फोटो रिपोर्ट संलग्न की जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि किसी प्रकरण की गुणवत्ता खराब पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की जाएगी। समीक्षा बैठक में हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अतुल वत्स ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि हेल्पलाइन शिकायतों का संतोषजनक समाधान नहीं किया गया तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने ओएसडी राजीव रतन सिंह को प्रशासनिक कार्यों में अधिक सावधानी और गंभीरता अपनाने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, सभी अधिशासी अभियंताओं को नियमित बैठक करने और आईजीआरएस प्रकरणों के उत्तर की गुणवत्ता की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शासन और जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप ही शिकायतों का निस्तारण किया जाए और जनता की समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बैठक के अंत में कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जीडीए जनता की शिकायतों एवं समस्याओं के निस्तारण के लिए पूरी तरह संवेदनशील है और हम इसकी गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं करेंगे।















