-बिना स्वीकृत नक्शे बने अतिरिक्त निर्माण पर सख्त कार्रवाई, अप्रैल में भी जारी रहेगा अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने सोमवार को साहिबाबाद क्षेत्र के लाजपतनगर और राजेंद्रनगर में बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई करते हुए कई अवैध निर्माणों को बुलडोजर और हथौड़े से ध्वस्त कर दिया। बिना स्वीकृत नक्शे के बनाए गए अतिरिक्त तल, टीन शेड और अवैध शौचालय को पूरी तरह हटाया गया। कार्रवाई के दौरान निर्माणकर्ताओं ने विरोध भी किया, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान सफलतापूर्वक पूरा कराया गया। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के सख्त निर्देशों के क्रम में प्रवर्तन जोन-7 की टीम ने यह अभियान चलाया। प्रभारी आलोक रंजन के नेतृत्व में सहायक अभियंता पीयूष सिंह, अवर अभियंता गोपाल कृष्ण, अवर अभियंता प्रभु नारायण सिंह तथा जीडीए पुलिस बल की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में बिना नक्शा पास कराए किए जा रहे निर्माणों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई की शुरुआत साहिबाबाद के लाजपतनगर क्षेत्र से हुई, जहां भवन संख्या ए-133 और ए-133ए पर नियमों की अनदेखी करते हुए अतिरिक्त तल का निर्माण कर लिया गया था। जांच में पाया गया कि निर्माणकर्ताओं ने जीडीए से नक्शा स्वीकृत कराए बिना ही भवन की ऊंचाई बढ़ा दी थी। इसके बाद टीम ने मौके पर हथौड़ा और कटर मशीन की मदद से अवैध हिस्से को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसके बाद प्रवर्तन टीम राजेंद्रनगर पहुंची, जहां सेक्टर-2 स्थित भूखंड संख्या 6/146 पर अवैध अतिरिक्त तल का निर्माण किया गया था। अधिकारियों ने यहां भी निर्माण नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इसी क्षेत्र के भूखंड संख्या 2/29 में मकान के सामने बनाई गई टीन शेड को भी हटाया गया, जो सार्वजनिक क्षेत्र पर अतिक्रमण माना गया। सेक्टर-5 स्थित भूखंड संख्या 1/21 पर बने अवैध शौचालय को भी बुलडोजर और हथौड़े से पूरी तरह तोड़ दिया गया।
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और निर्माणकर्ताओं ने कार्रवाई का विरोध किया और टीम को रोकने की कोशिश की। हालांकि पहले से तैनात जीडीए पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने दी। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाया कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाए गए, जिसके चलते मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी। जीडीए अधिकारियों का कहना है कि शहर में अनियोजित निर्माण न केवल यातायात और नागरिक सुविधाओं पर दबाव बढ़ाते हैं, बल्कि भविष्य में सुरक्षा संबंधी खतरे भी पैदा करते हैं। बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए गए भवनों में संरचनात्मक जोखिम अधिक होता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसी कारण प्राधिकरण अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार सख्ती बरत रहा है।
प्रवर्तन जोन-7 के अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल माह में भी अवैध निर्माणों की पहचान कर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में सर्वे कराया जा रहा है और चिन्हित भवनों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जिन लोगों ने अभी तक नियमों के अनुरूप अपने निर्माण को वैध नहीं कराया है, उन्हें स्वयं आगे आकर प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले नक्शा स्वीकृत अवश्य कराएं और भवन निर्माण उपविधियों का पालन करें। नियमों के विपरीत निर्माण करने पर आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी कार्रवाई भी झेलनी पड़ सकती है। जीडीए की लगातार चल रही इस कार्रवाई को शहर में अवैध निर्माण पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शहर को नियोजित और सुरक्षित बनाने के लिए यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

















