-प्राधिकरण उपाध्यक्ष अतुल वत्स के सख्त निर्देश पर प्रवर्तन टीम की बड़ी कार्रवाई, कॉलोनाइजरों में मची खलबली
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध कॉलोनियों पर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए साफ कर दिया है कि अब किसी भी कीमत पर अनाधिकृत निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंगलवार को प्रवर्तन जोन-3 की टीम ने डासना, कल्लूगढ़ी और कुशलिया गांव में करीब 58 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही तीन अवैध कॉलोनियों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनहित और शहर की सुनियोजित विकास नीति से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इन्हीं आदेशों के तहत अधिशासी अभियंता योगेश पटेल, सहायक अभियंता अनुज कुमार और अवर अभियंता सतेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। टीम के साथ जीडीए पुलिस बल और मधुबन बापूधाम थाना पुलिस की भी पूरी मौजूदगी रही, जिसने मौके पर विरोध कर रहे कॉलोनाइज़रों को नियंत्रित कर कार्रवाई को सफल बनाया।
जानकारी के मुताबिक मोहम्मद दानिश और नितिन द्वारा ग्राम डासना देहात व कल्लूगढ़ी में खसरा संख्या 1618 से 1630 तक करीब 44 बीघा भूमि पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी। असलम चौधरी व मौलाना अहमद मदनी द्वारा एनएच-9 के पास 10 बीघा में निर्माण किया जा रहा था। वहीं ग्राम कुशलिया में मोहम्मद फरमान व मोहम्मद शकील ने करीब 4 बीघा जमीन पर अवैध कॉलोनी खड़ी कर दी थी।
तीनों स्थानों पर बनाए गए भूखंडों की बाउंड्रीवाल, सड़कें, नालियां और अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। कॉलोनाइजरों ने कार्रवाई का विरोध करने की भरपूर कोशिश की, मगर पुलिस बल की मुस्तैदी ने उन्हें मौके से खदेड़ दिया। जीडीए अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि अनाधिकृत कॉलोनियों में भूखंड न खरीदें और न ही बेचे, क्योंकि ऐसे विकास न केवल नियमों के विरुद्ध हैं, बल्कि भविष्य में बड़ी कानूनी और वित्तीय समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की यह कार्रवाई उन कॉलोनाइजरों के लिए सीधी चेतावनी है, जो नियमों को ताक पर रखकर शहरी विकास के नाम पर अवैध रूप से लोगों को गुमराह करते हैं। जीडीए ने यह भी संकेत दिया है कि आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
















