-38,500 वर्गमीटर क्षेत्र में तीन अवैध कॉलोनियां और होटल सील, जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के सख्त निर्देश पर हुई कार्रवाई
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में सोमवार का दिन उन कॉलोनाइज़रों के लिए भारी पड़ गया जो बिना अनुमति अवैध कॉलोनियां काटकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के नियमों को खुला चैलेंज दे रहे थे। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मुरादनगर क्षेत्र में तीन अनाधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया गया। करीब 38,500 वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैली इन कॉलोनियों को जेसीबी मशीनों के जरिए मिट्टी में मिला दिया गया। कार्रवाई की अगुवाई जीडीए के प्रवर्तन जोन-2 के प्रभारी एवं ओएसडी राजीव रतन सिंह ने की। टीम में सहायक अभियंता विनय कुमार, अवर अभियंता योगेश वर्मा, राजन सिंह के साथ मुरादनगर और मधुबन बापूधाम थाने की पुलिस भी तैनात रही, ताकि किसी भी प्रकार के विरोध या अव्यवस्था से निपटा जा सके। जीडीए की इस सख्त कार्रवाई के दौरान विरोध की भी कोशिशें हुईं, लेकिन पुलिस बल ने लाठियों की हल्की आहट से ही मौके पर मौजूद कॉलोनाइज़रों को खदेड़ दिया। पहली कार्रवाई गांव नवीपुर में की गई, जहां खसरा संख्या 27 पर अरुण चौधरी द्वारा लगभग 10 हजार वर्गमीटर में अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी।
वहीं दूसरी जगह, खसरा संख्या 35 पर रविंद्र सिरोही द्वारा करीब 8500 वर्गमीटर में निर्माणाधीन भवन को भी गिरा दिया गया। तीसरी बड़ी कार्रवाई बसंतपुर-सैंतली, नवीपुर बम्बा और दुहाई इलाके में की गई, जहां खसरा संख्या 20 पर 20 हजार वर्गमीटर भूमि पर कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां सड़कों से लेकर नाली और कमरों तक का निर्माण हो चुका था, जिसे जीडीए ने पूरी तरह से जमींदोज कर दिया। गौरतलब है कि जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने हाल ही में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिले में कोई भी अनाधिकृत कॉलोनी या अवैध निर्माण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रवर्तन टीम को आदेश दिए गए हैं कि नियमित रूप से ऐसे निर्माणों की पहचान करें और उन्हें तुरंत ध्वस्त करें, ताकि भविष्य में किसी आम नागरिक को धोखे का शिकार न होना पड़े।
जीडीए ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे बिना वैध अनुमति के किसी भी कॉलोनी में भूखंड न खरीदें। यह कदम न सिर्फ आपकी जमा पूंजी को जोखिम में डाल सकता है, बल्कि भविष्य में आपको कानूनी पेचीदगियों में भी फंसा सकता है। इसी कड़ी में जीडीए की प्रवर्तन टीम ने तीन ओयो होटलों को भी सील किया है, जो नियमन के उल्लंघन के चलते चल रहे थे। जीडीए की यह कार्रवाई न केवल अवैध निर्माणकर्ताओं के लिए चेतावनी है, बल्कि यह उन लोगों के लिए आश्वासन भी है जो शहर में सुरक्षित और वैध आवास चाहते हैं। जीडीए की ओर से यह स्पष्ट संदेश है कि अब गाजियाबाद में विकास नियमों के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। जो नियम तोड़ेगा, उसे बुलडोजर की ताकत का सामना करना पड़ेगा।
















