-मेट्रो की मंजिल अब साहिबाबाद तक, शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की जीडीए की पहल
-जीडीए वीसी अतुल वत्स की पहल से विकास को मिली नई उड़ान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद एक बार फिर विकास की पटरी पर तेजी से दौडऩे को तैयार है। शहरवासियों को बेहतर ट्रैफिक, सुविधाजनक आवागमन और हाईटेक सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सौगात देने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अभूतपूर्व पहल की है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अतुल वत्स के नेतृत्व में कुल 21 विकास परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जिन्हें शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। ये सभी योजनाएं 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत आती हैं और शहर के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से नया रूप देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती हैं। इन परियोजनाओं में सबसे अहम प्रस्ताव नोएडा सेक्टर-62 से साहिबाबाद तक मेट्रो ट्रेन के विस्तार से जुड़ा है, जिससे गाजियाबाद के पांच से छह लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह प्रस्ताव 5.017 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन के निर्माण से संबंधित है, जिसके लिए अनुमानित लागत का 80 प्रतिशत भाग जीडीए स्वयं वहन करेगा जबकि 20 प्रतिशत योगदान केंद्र और राज्य सरकारें करेंगी। इस मेट्रो लाइन के तहत पांच नए स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। यह विस्तार न केवल गाजियाबाद को नोएडा और दिल्ली से और सुलभ बनाएगा, बल्कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट की एक बड़ी समस्या का समाधान भी करेगा। इसके अलावा जीडीए ने इंदिरापुरम में एलिवेटेड रोड पर स्लिप रोड बनाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है।
वर्तमान में दिल्ली से गाजियाबाद लौटने वाले या इंदिरापुरम और वसुंधरा की ओर जाने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है, क्योंकि स्लिप रोड की अनुपस्थिति में उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। इस परियोजना पर लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिससे लाखों नागरिकों को राहत मिलेगी और मौजूदा एलिवेटेड रोड का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। आरडीसी क्षेत्र में लगातार बढ़ते ट्रैफिक और पार्किंग संकट को देखते हुए, एक अत्याधुनिक मल्टी लेवल ऑटोमेटेड कार पार्किंग बनाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है, जिसकी अनुमानित लागत 125 करोड़ रुपये है। यह पार्किंग सुविधा राजनगर के व्यापारिक और प्रशासनिक केंद्र को ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए बेहद जरूरी है। गाजियाबाद में हरियाली और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सिटी फॉरेस्ट का सौंदर्यीकरण भी प्रस्तावित है। 125 एकड़ में फैले इस पार्क के विकास पर लगभग 30 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सिटी फॉरेस्ट शहर के बीचोबीच स्थित होने के कारण लाखों लोगों के लिए सुलभ है और इसका विकास शहरवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा। इसी तरह, राजनगर एक्सटेंशन में 45 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, जिसकी लागत 36 करोड़ रुपए अनुमानित की गई है।
यह सड़क हिंडनपार के क्षेत्रों को मुख्य शहर से जोडऩे का महत्वपूर्ण मार्ग बनेगी। साथ ही, मधुबन-बापूधाम में भी सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने के लिए लगभग 26 करोड़ रुपए की लागत से 1.575 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। जीडीए ने सामुदायिक सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी है। मधुबन-बापूधाम योजना में ‘सबका घर’ नामक बहु-स्तरीय कम्युनिटी सेंटर के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिस पर लगभग 17 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह सेंटर 2282 वर्गमीटर क्षेत्र में बनेगा और इसमें बेसमेंट से लेकर तीन मंजिल तक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसी प्रकार, बृज विहार योजना में भी करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से एक और सामुदायिक केंद्र के निर्माण की योजना है। इसके अलावा प्रताप विहार में 12.75 करोड़ रुपए की लागत से मुख्य सड़कों और चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की दृश्य सुंदरता और यातायात प्रबंधन में सुधार आएगा। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में जीडीए ने निवाड़ी में राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज बनाने का भी प्रस्ताव तैयार किया है, जिसकी लागत लगभग 12 करोड़ रुपए आंकी गई है।
यह शूटिंग रेंज न केवल स्थानीय खिलाडिय़ों को अवसर प्रदान करेगी, बल्कि गाजियाबाद को राष्ट्रीय खेल नक्शे पर भी प्रतिष्ठा दिलाएगी। इसी प्रकार, हम-तुम रोड, बंधा नूरनगर और सी-24 के मध्य 30 मीटर चौड़ी जोनल रोड सहित कई नई कनेक्टिविटी रोड्स के निर्माण प्रस्ताव भी शासन को भेजे गए हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 25 करोड़ से अधिक है। इन सड़कों के बनने से राजनगर एक्सटेंशन, मधुबन-बापूधाम, गोविंदपुरम और स्वर्ण जयंतीपुरम जैसे बड़े रिहायशी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी दिल्ली-मेरठ रोड से सीधे जुड़ जाएगी। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने सभी परियोजनाओं के विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने की कार्यवाही को पूरी पारदर्शिता और तत्परता से पूरा किया है। इन प्रस्तावों की स्वीकृति के बाद गाजियाबाद में शहरी ढांचे का विस्तार, यातायात प्रबंधन, सामुदायिक जीवन और पर्यावरणीय संतुलन सभी क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। जीडीए की यह पहल न सिर्फ शहर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की गई है, बल्कि एक आधुनिक, टिकाऊ और स्मार्ट सिटी के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम भी है। यदि ये योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू हो जाती हैं, तो गाजियाबाद निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश के अग्रणी शहरों में अपना स्थान और मजबूत करेगा।
सड़कें बनेंगी चौड़ी, पार्क होंगे खूबसूरत
मेट्रो के अलावा जीडीए ने शहर के यातायात और सार्वजनिक जीवन को सुचारू व सौंदर्यपूर्ण बनाने के लिए भी कई प्रस्ताव भेजे हैं, जिनमें शामिल हैं।
इंदिरापुरम एलिवेटेड रोड पर स्लिप रोड:
200 करोड़ की लागत से दिल्ली से आने और दिल्ली जाने वालों को सुगम रास्ता मिलेगा। वसुंधरा व इंदिरापुरम क्षेत्र के लाखों लोगों को राहत मिलेगी।
राजनगर में मल्टीलेवल ऑटोमेटेड कार पार्किंग:
125 करोड़ की लागत से बनने वाली यह पार्किंग व्यवस्था आरडीसी जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्र को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाएगी।
सिटी फॉरेस्ट का सौंदर्यीकरण:
30 करोड़ की लागत से 125 एकड़ में फैले इस पार्क को आधुनिक सुविधाओं से युक्त कर पर्यावरण और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
राजनगर एक्सटेंशन और मधुबन-बापूधाम में चौड़ी सड़कें:
करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से 45 मीटर चौड़ी सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे आवागमन सरल होगा।
कम्यूनिटी सेंटर्स का निर्माण:
मधुबन-बापूधाम, बृज विहार में 15 से 26 करोड़ की लागत से बहु-उपयोगी सामुदायिक केंद्र बनाए जाएंगे, जहां शादी-ब्याह, सभा, और सांस्कृतिक कार्यक्रम हो सकेंगे।
राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज और अत्याधुनिक रोड नेटवर्क
राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज (निवाड़ी):
12 करोड़ की लागत से बनने वाली यह रेंज न केवल खेल प्रतिभाओं को निखारेगी, बल्कि गाजियाबाद को खेल मानचित्र पर भी पहचान दिलाएगी।
जीडीए की सोच अब ‘मॉडर्न और स्मार्ट’
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने इन सभी प्रस्तावों को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरी तैयारी और बजट अनुमान के साथ शासन को प्रस्तुत किया है। यह जीडीए की सक्रियता और दूरदर्शिता का प्रमाण है कि हर क्षेत्र चाहे वह ट्रैफिक हो, ट्रांसपोर्ट, ग्रीन स्पेस, या सामुदायिक विकास उसे समग्र रूप से जोड़ा गया है। जनता को सीधे लाभ, शहर की सुंदरता में वृद्धि, और अर्थव्यवस्था को गति ये तीन लक्ष्य जीडीए की इस नई पहल में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।

उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण।
गाजियाबाद शहर को आधुनिक, सुविधाजनक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्राधिकरण पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। शासन को भेजी गई 21 परियोजनाओं में मेट्रो विस्तार से लेकर स्मार्ट पार्किंग, स्लिप रोड्स, सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण जैसी जनहित योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से यातायात व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक सुविधा और शहर की सुंदरता में अभूतपूर्व सुधार होगा। जीडीए का लक्ष्य गाजियाबाद को एक स्मार्ट और टिकाऊ शहर बनाना है, जहां हर नागरिक को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिलें।
अतुल वत्स
जीडीए उपाध्यक्ष

















