-हर क्षेत्र में चमकेंगे आधुनिक पार्क, हरित मित्रों की निगरानी में सुधरेगा हर कोना
-जीडीए का हरियाली को समर्पित बड़ा कदम, पर्यावरण संरक्षण और जनसहभागिता का अभिनव संगम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पर्यावरण संरक्षण, नागरिक सुविधा और ग्रीन इनफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) अब एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। शहर को साफ-सुथरा, हरियाली से युक्त और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में जीडीए 50 करोड़ रुपये की लागत से “आइकोनिक पार्क” का निर्माण करने जा रहा है। इन पार्कों को सिर्फ ग्रीन ज़ोन नहीं बल्कि सामाजिक जुड़ाव, स्वस्थ जीवनशैली और सामुदायिक एकजुटता का केंद्र बनाया जाएगा। गुरुवार को जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अध्यक्षता में आयोजित विशेष समीक्षा बैठक में इस योजना को औपचारिक रूप से मंजूरी दी गई।
बैठक में फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, प्रभारी मुख्य अभियंता आलोक रंजन, अधिशासी अभियंता राजीव सिंह सहित उद्यान अनुभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने इस योजना को “जनसहभागिता आधारित ग्रीन मिशन” करार देते हुए कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय नागरिकों को “हरित मित्र” के रूप में शामिल किया जाएगा। ये हरित मित्र संबंधित पार्कों की निगरानी करेंगे, विकास कार्यों की गुणवत्ता पर नज़र रखेंगे और समय-समय पर फीडबैक जीडीए को देंगे। इन मित्रों में आरडब्ल्यूए पदाधिकारी, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक, युवा स्वयंसेवक, सभी को शामिल किया जाएगा। जीडीए की यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक बड़ा प्रयास है, बल्कि यह गाजियाबाद को “ग्रीन सिटी” के रूप में राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान देने की भी रणनीति है।
हर पार्क बनेगा बहु-उपयोगी केंद्र, खेल, स्वास्थ्य और ध्यान की होगी समग्र व्यवस्था
प्रत्येक आइकोनिक पार्क को इस प्रकार विकसित किया जाएगा कि वह सिर्फ हरियाली ही नहीं, बल्कि बच्चों के खेलने, बुज़ुर्गों के टहलने, महिलाओं के योगाभ्यास और युवाओं के वर्कआउट के लिए भी आदर्श स्थान बन सके। योजनानुसार पार्कों में निम्नलिखित सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
• सौर ऊर्जा आधारित लाइटिंग
• ओपन जिम और योग मंच
• स्मार्ट वॉकिंग ट्रैक
• वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
• साउंडलेस सिचाई तंत्र और ग्रीन टॉयलेट्स
• बच्चों के लिए झूले और रचनात्मक खेल क्षेत्र
शुल्क व्यवस्था से होगा रखरखाव, मुनाफा नहीं, उद्देश्य सिर्फ सेवा
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अनुसार इन पार्कों के रखरखाव के लिए एक सुव्यवस्थित शुल्क प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे प्राप्त धनराशि का उपयोग पार्कों की नियमित सफाई, पौधारोपण, मरम्मत और नई तकनीकों के विकास में किया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह शुल्क सिर्फ रखरखाव के लिए होगा, इसमें किसी प्रकार की व्यावसायिक लाभ की भावना नहीं होगी।
आत्मनिर्भरता और जनसहभागिता का होगा समन्वय
गाजियाबाद में जीडीए द्वारा जिन कॉलोनियों में पार्क अभी तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं किए गए हैं, उन सभी पार्कों को पहले चरण में आइकोनिक पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए जीडीए उद्यान अनुभाग ने समस्त पार्कों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इन पार्कों में वॉलिंटियर्स टीम, स्थानीय मॉनिटरिंग कमेटी, ई-पोर्टल फीडबैक सिस्टम भी लागू किए जाएंगे।
















