गाजियाबाद के गोल चक्कर होंगे हरियाली और सौंदर्य का प्रतीक, जीडीए का ग्रीनलैंड मिशन

-जीडीए उपाध्यक्ष ने दी तैयारियों की दिशा, पांच प्रमुख गोल चक्कर में लाए जाएंगे पर्यावरण-अनुकूल और आकर्षक लैंडस्केप
-प्रदूषण नियंत्रण, यातायात सुगमता और सांस्कृतिक पहचान के साथ आधुनिक लैंडस्केपिंग; पहले चरण में चयनित पांच गोल चक्कर जल्द होंगे तैयार

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शहर के गोल चक्कर को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और सौंदर्यपूर्ण बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देशन में यह पहल शहरवासियों के लिए हरियाली और साफ-सुथरे वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। योजना के अनुसार, गोल चक्कर को विशेष रूप से ग्रीनलैंड थीम पर विकसित किया जाएगा, जिससे ये न केवल शहर की सड़कों पर खूबसूरत नज़र आएंगे बल्कि प्रदूषण को कम करने में भी सहायक होंगे। पहले चरण में पांच प्रमुख गोल चक्कर का चयन किया जाएगा। इसमें राजनगर एक्सटेंशन के दो गोल चक्कर, मधुबन-बापूधाम योजना का रोटरी गोल चक्कर, कोयल एंक्लेव योजना और इंद्रप्रस्थ योजना शामिल हैं। चयन प्रक्रिया में जीडीए के जोन अधिकारी और कर्मचारी सर्वे कर रहे हैं। सर्वे पूरा होने के बाद पांच गोल चक्कर को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद इन्हें आधुनिक लैंडस्केप और ग्रीन थीम के अनुरूप विकसित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

जीडीए अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना में पारंपरिक निर्माण सामग्री का उपयोग नहीं किया जाएगा। केवल हरियाली और प्राकृतिक पौधों के माध्यम से गोल चक्कर बनाए जाएंगे। इसमें ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगे। इसके अलावा औषधीय पौधे, आकर्षक पत्थर, छोटे वायरनेस स्ट्रक्चर और विभिन्न आकृतियों वाले पेड़ लगाए जाएंगे, जो नागरिकों के लिए आकर्षक संदेश भी प्रदान करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि गोल चक्करों में हरियाली के अलावा स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

पत्थर और संरचनाओं पर शहर की सांस्कृतिक धरोहर को दिखाया जाएगा, ताकि यह न केवल पर्यावरणीय पहल हो बल्कि पर्यटन और शहरी सौंदर्य को भी बढ़ावा मिले। जीडीए का लक्ष्य है कि पहले चरण के पांच गोल चक्कर तैयार होने के बाद दूसरे चरण में अन्य गोल चक्कर को शामिल कर पूरे शहर में एक समान ग्रीनलैंड थीम विकसित की जाए। इससे शहर में स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरणीय जागरूकता के साथ-साथ यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।

नंद किशोर कलाल
जीडीए उपाध्यक्ष

हमारा उद्देश्य गाजियाबाद के गोल चक्करों को केवल यातायात के लिए सहायक केंद्र नहीं बल्कि शहर की पहचान और हरियाली का प्रतीक बनाना है। पहले चरण में पांच प्रमुख गोल चक्कर का चयन किया गया है, जिन्हें ग्रीनलैंड थीम पर विकसित किया जाएगा। इसमें प्राकृतिक पौधे, औषधीय पौधे और पर्यावरण अनुकूल संरचनाओं का समावेश होगा। हम चाहते हैं कि ये गोल चक्कर शहरवासियों के लिए सुंदर, सुरक्षित और प्रदूषण रहित वातावरण उपलब्ध कराएं। इस पहल के माध्यम से हम न केवल शहर की सौंदर्यात्मक छवि को बढ़ावा देंगे बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित करेंगे। हमारी टीम पूरी तत्परता से सर्वे और विकास कार्य में लगी हुई है और जल्द ही इन गोल चक्करों को आधुनिक रूप में तैयार किया जाएगा।
नंद किशोर कलाल
जीडीए उपाध्यक्ष