– गाजियाबाद नगर निगम का अभिनव प्रयास, ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रॉपीज़ मेयर्स चैलेंज 2025 में मिला वैश्विक सम्मान
– गोवंश के गोबर से बनेगा डिस्टेंपर और इमल्शन पेंट, नंदग्राम स्थित नंदी पार्क में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
– पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पर आधारित होगा प्रोजेक्ट, निगम को होगी आमदनी और शहर को मिलेगी स्वच्छता
– पर्यावरण संरक्षण में अहम कदम, प्राकृतिक पेंट से घटेगा तापमान और खत्म होगी दुर्गंध की समस्या
– महिला स्वयं सहायता समूह को भी मिलेगा रोजगार, सबसे पहले गौशाला में होगा पेंट का इस्तेमाल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम गाजियाबाद अब गोवंश के गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रॉपीज़ मेयर्स चैलेंज 2025 के तहत निगम ने इस अभिनव प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। सितंबर माह से नंदग्राम स्थित नंदी पार्क में पायलट प्रोजेक्ट के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (ट्रिपल पी) मॉडल पर यह कार्य शुरू होगा। नगर निगम की इस पहल को न केवल शहर बल्कि देश और विश्व स्तर पर भी सराहना मिल रही है। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम लगातार शहरहित में नए प्रयोग कर रहा है। इसी क्रम में गोबर से पेंट बनाने की योजना को धरातल पर उतारा जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट के लिए निविदा आमंत्रित की जा चुकी है और 10 दिन के भीतर मशीनें स्थापित कर दी जाएंगी। नगर आयुक्त ने बताया कि पेंट निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक और पर्यावरण-हितैषी होगी। पेंट बनाने में 50′ गोबर और 50′ पानी के साथ अन्य प्राकृतिक तत्व मिलाए जाएंगे। इससे प्रतिदिन 1000 से 2000 लीटर पेंट तैयार होगा। इस पेंट के उपयोग से दीवारों पर तापमान कम रहेगा, यह पूरी तरह से दुर्गंध और केमिकल रहित होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए नंदग्राम स्थित नंदी पार्क में 15 से 17 हाई-स्पीड डिस्पेंसर मशीनें लगाई जाएंगी।
यहां से डिस्टेंपर और इमल्शन पेंट तैयार कर मार्केट में उतारा जाएगा। निगम का मानना है कि इससे शहर की गोबर की समस्या खत्म होगी, निगम को आय भी प्राप्त होगी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मजबूत होगा। ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रॉपीज़ मेयर्स चैलेंज में गाजियाबाद नगर निगम की इस पहल को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है। निगम को इस प्रोजेक्ट के लिए 50 लाख रुपये की राशि भी उपलब्ध कराई गई है। पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे और बड़े स्तर पर बढ़ाया जाएगा। इस अभिनव पहल में महिला स्वयं सहायता समूहों की भी विशेष भागीदारी होगी। इससे उन्हें रोजगार के अवसर मिलेंगे और समाज में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम आगे बढ़ेंगे। सबसे पहले इस प्राकृतिक पेंट का उपयोग नगर की गौशालाओं में किया जाएगा। नगर आयुक्त ने कहा कि यह पहल न सिर्फ शहर को गोबर की समस्या से निजात दिलाएगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।

नगर आयुक्त
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गोवंश के गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने का यह प्रोजेक्ट शहर के लिए ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा बल्कि गोबर की समस्या से भी निजात मिलेगी। यह पेंट पूरी तरह दुर्गंध रहित और केमिकल फ्री होगा, जो घरों और संस्थानों के लिए स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत शुरू होने वाला यह पायलट प्रोजेक्ट नगर निगम की आय का स्रोत भी बनेगा और महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार भी उपलब्ध कराएगा। ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रॉपीज मेयर्स चैलेंज 2025 में गाजियाबाद नगर निगम का यह प्रस्ताव विश्व स्तर पर सराहा गया है और हमें विश्वास है कि यह प्रयोग गाजियाबाद को हरित और स्वच्छ शहर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
















