700 सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद जीआरपी की टीम को मिली सफलता

-अपहर्ता को गिरफ्तार कर बच्ची को सकुशल किया बरामद
-नशे की पूर्ति के लिए मासूम बच्ची को किया था चोरी

गाजियाबाद। बीते दस दिसंबर को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से अगवा हुई चार माह की बच्ची को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की टीम ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को सकुशल बरामद कर अपहर्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी बच्चे को चोरी करने के बाद बेचने की फिराक में था। आरोपी को पकडऩे के लिए जीआरपी की टीम ने कई राज्यों में करीब 700 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद गिरफ्तार किया है। अगर बच्चा चोरी मामले में जीआरपी की टीम थोड़ी भी लापरवाही दिखाती तो आरोपी बच्ची को बेच चुका होता, मगर टीम ने आरोपी को पकडऩे के लिए दिन-रात एक कर दिया। जहां-जहां फुटेज में आरोपी की जानकारी मिली, वहां पहुंचकर उसकी खोजबीन की। आखिरकार बच्ची को सकुशल बरामद कर जीआरपी की टीम ने राहत की सांस ली। वहीं बच्चा मिलने पर परिजनों ने भी जीआरपी टीम की भरिभूरी प्रशंसा की। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर बच्चा चोरी की घटना का खुलासा करते हुए एसीपी जीआरपी आशुतोष शुक्ला ने बताया कि दस दिसंबर को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से अगवा हुई चार माह की बच्ची को सकुशल बरामद करने के लिए कई राज्यों में करीब 700 सीसीटीवी कैमरो खंगालने के बाद अपहरणकर्ता के बारे में सुराग मिला, जिसके बाद उसे मंगलवार को पीलीभीत से जीआरपी प्रभारी अनुज मलिक की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

मूलरूप से मध्य प्रदेश के ग्राम पटना खोड़ा थाना लवकुश नगर निवासी दीपक परिवार के साथ मसूरी थानाक्षेत्र के आकाश नगर में रहता हैं। बीती दस दिसंबर को वह पत्नी अर्चना और चार माह की बेटी किस्मत के साथ मध्य प्रदेश जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन ट्रेन निकल जाने के कारण वह गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर ही सो गए। इसके बाद शराब पीते समय उनकी एक अनजान युवक से मुलाकात हो गई। दोपहर के समय प्लेटफार्म पर युवक उनकी बेटी को गोद में लेकर खिला रहा था। काफी देर तक वह उसकी बेटी को खिलाता रहा और मौका देखकर बच्ची को लेकर फरार हो गया था। एसपी जीआरपी ने बताया कि जीआरपी थाना गाजियाबाद में केस दर्ज कर अपहरणकर्ता की तलाश शुरू कर दी गई थी। एसपी जीआरपी ने बताया गाजियाबाद में रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले सभी रास्तों के अलावा बस अड्डों व मेट्रो स्टेशन पर लगे कैमरे खंगाले।

फुटेज में आरोपी नवजात बच्ची को ले जाते हुए दिखा। इसके बाद नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, आनंद विहार, हजरत निजामुद्दीन और सब्जी मंडी रेलवे स्टेशन के कैमरे खंगाले गए। आरोपी नई दिल्ली में अमृतसर से आने वाली शान-ए-पंजाब ट्रेन से उतरता कैद मिला। इसके बाद नई दिल्ली से लेकर पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला कैंट, चंडीगढ़, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर रेलवे स्टेशनों के कैमरे खंगाले। आरोपी करनाल रेलवे स्टेशन पर शान- ए-पंजाब ट्रेन में चढ़ता दिखाई दिया। करनाल रेलवे स्टेशन के आसपास के कैमरे देखने पर करीब दो किलोमीटर दूर एक रैन बसेरे से अपहरणकर्ता के बारे में पता चला कि वह थाना घुंचचाई, जिला पीलीभीत के गांव कबीरपुर का रहने वाला विकास कुमार है। विकास करनाल के रैन बसेरे में रुका था। मंगलवार कबीरपुर गांव से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

सीओ जीआरपी सुदेश कुमार गुप्ता ने बताया कि रेलवे स्टेशन से बच्ची का अपहरण करने के बाद विकास बस से रामपुर पहुंचा था। इसके बाद वह ट्रेन से पीलीभीत पहुंचा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका कुछ दिनों पहले पत्नी से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। बीवी मायके में रह रही थी, जिसके चलते वह तनाव में चल रहा था और शराब पीने लगा था। उसने बच्ची को बेचकर पैसा कमाने के लिए उसे अगवा किया था। वह बच्ची को बेचने की फिराक में लगा था, लेकिन उससे पहले ही जीआरपी ने उसे पकड़ लिया।