हरनंदीपुरम योजना: प्लानिंग के साथ तेजी से कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश, मंडलायुक्त ने की समीक्षा

-योजना की सफलता के लिए समन्वय और प्लानिंग जरूरी: भानु चंद्र गोस्वामी
-मेरठ मंडल के मंडलायुक्त ने जीडीए सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना की प्रगति और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की प्रस्तावित नई टाउनशिप हरनंदीपुरम योजना को अब योजनाबद्ध तरीके से और तेजी से धरातल पर लाया जाएगा। शुक्रवार दोपहर को मेरठ मंडल के मंडलायुक्त एवं जीडीए अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी जीडीए सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करने पहुंचे। इस बैठक में उन्होंने योजना की प्रगति, समयबद्ध क्रियान्वयन और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। बैठक में जीडीए के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, सचिव राजेश कुमार सिंह, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, ओएसडी राजीव रत्न सिंह, संयुक्त सचिव श्याम अवध चौहान, एमपी सिंह, प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंडलायुक्त ने बैठक में कहा कि किसी भी योजना की सफलता उसकी प्लानिंग और डिजाइनिंग की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। ऐसे में हरनंदीपुरम योजना की प्रारंभिक योजना बनाते समय विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि योजना को सफल बनाने के लिए प्लानिंग अनुभाग, भू-अर्जन और अभियंत्रण अनुभाग को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करना होगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना की प्रत्येक एजेंसी की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा की जाए और उसे स्कोप ऑफ वर्क के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी भी कार्य में देरी होती है, तो संबंधित एजेंसी पर नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य नियत समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों, जैसे लैबोरेटरी, का उपयोग अनिवार्य करने पर भी जोर दिया ताकि निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता के लिए उच्च गुणवत्ता वाले डिजाइन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कार्य करना आवश्यक है। बैठक में मंडलायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि जीडीए जल्द लैंड ऑडिट रिपोर्ट तैयार कराए, ताकि अनिस्तारित संपत्तियों की पहचान की जा सके और उनका उचित निस्तारण किया जा सके। इसके लिए स्पष्ट योजना तैयार की जाए ताकि यह संपत्ति योजनाबद्ध तरीके से बेची जा सके और शहरी विकास में योगदान दे सके।

उन्होंने शहर के सौंदर्यीकरण के दौरान स्ट्रक्चरल डिजाइन पर विशेष ध्यान देने और स्वीकृत मानचित्रों के विपरीत निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया। बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने योजना की अब तक की प्रगति रिपोर्ट का विस्तार से अवलोकन किया और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि योजना की सफलता केवल समय पर कार्य पूरा करने में ही नहीं बल्कि कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में भी निहित है। भानु चंद्र गोस्वामी ने बैठक में कहा कि हरनंदीपुरम योजना को धरातल पर लाने के लिए टीमवर्क, विशेषज्ञता और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने अधिकारियों को सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सभी अनुभागों के बीच समन्वय कायम रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता या देरी को बर्दाश्त न किया जाए। हरनंदीपुरम योजना अब तेजी से, योजनाबद्ध तरीके से और उच्च गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप धरातल पर कार्यान्वित होगी। मंडलायुक्त की यह कार्यशैली और उनके दिए गए निर्देश आगामी समय में योजना के सफल और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन साबित होंगे।